संपादकीय नीति

हमारा मूल नियम — कोई भी जानकारी तभी छपेगी जब वह कम से कम एक सरकारी स्रोत और एक स्वतंत्र स्रोत से पुष्ट हो, और घोषणा के बाद कुछ दिन का ठहराव बीत चुका हो।

हम क्या छापते हैं

SCR से जुड़े विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, कारोबार, निवेश, नौकरी, पढ़ाई, स्वास्थ्य, परिवहन, संस्कृति और सरकारी योजनाओं की जानकारी — इस नज़र से कि पाठक के लिए इसका क्या मतलब है और वह इसका फ़ायदा कैसे उठा सकता है।

हम क्या नहीं छापते

अपराध, दुर्घटना, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, अफ़वाह, किसी व्यक्ति या संस्था की निंदा, और "दाम दोगुने होंगे" जैसे अपुष्ट अनुमान।

स्रोत

श्रेणी उदाहरण कैसे इस्तेमाल होता है
प्राथमिक गजट, अधिनियम, कैबिनेट निर्णय, विभागीय वेबसाइट, DPR, बजट, विधानसभा उत्तर, RTI उत्तर, आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति तथ्य का आधार
विश्वसनीय मीडिया राष्ट्रीय और प्रादेशिक अख़बार, समाचार एजेंसियां पुष्टि के लिए, नाम और लिंक के साथ, अपने शब्दों में
दूसरे स्रोत प्रॉपर्टी पोर्टल, ब्लॉग, सोशल मीडिया, ब्रोशर सिर्फ़ सुराग; सरकारी पुष्टि के बिना कभी नहीं छपता

हर खबर की प्रक्रिया

  1. सूचना मिलने पर उसे "निगरानी सूची" में रखा जाता है, तुरंत छापा नहीं जाता।
  2. कुछ दिन बाद मूल सरकारी दस्तावेज़ खोजा जाता है; न मिले तो विभाग से पूछा जाता है।
  3. कम से कम दो स्रोत मेल खाएं, तभी लिखा जाता है। आंकड़ों में अंतर हो तो दोनों स्रोत सहित दिखाए जाते हैं।
  4. संपादक तथ्य, तारीख, पद, आंकड़े, स्रोत और तस्वीर के अधिकार जांचते हैं।
  5. हर पेज पर "जानकारी जांची गई" की तारीख़ लिखी जाती है, और पुराने पेज समय-समय पर दोबारा जांचे जाते हैं।

पॉज़िटिव का मतलब

हम अवसरों और समाधानों पर ध्यान देते हैं, पर सच नहीं छिपाते। किसी प्रोजेक्ट में देरी या बदलाव हो तो उसे बिना राय के, तथ्य के रूप में बताते हैं — जैसे "नई लक्ष्य-तिथि यह है, स्रोत यह है"।

भाषा

हम आज की बोलचाल वाली हिंदी में लिखते हैं — छोटे वाक्य, आम शब्द। रोज़ बोले जाने वाले अंग्रेज़ी शब्द (मेट्रो, प्रोजेक्ट, मास्टर प्लान, प्लॉट) वैसे ही लिखते हैं। सरकारी काग़ज़ों वाली भारी हिंदी से बचते हैं; किसी दस्तावेज़ का उद्धरण दें तो साथ में उसका आसान मतलब भी लिखते हैं।

तस्वीरें और कॉपीराइट

हम तथ्य लेते हैं, किसी की भाषा या तस्वीर नहीं। तस्वीरें हमारी अपनी होती हैं, या ऐसे स्रोतों से जिनका लाइसेंस इसकी अनुमति देता है, और उनके साथ श्रेय लिखा जाता है। AI से बनी तस्वीर पर साफ़ लिखा जाता है कि वह प्रतीकात्मक और AI से बनी है। AI उपयोग नीति

सिफ़ारिश और प्रायोजन

SCR Times किसी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट, बिल्डर या निवेश की सिफ़ारिश नहीं करता। प्रायोजित सामग्री पर हमेशा "प्रायोजित" लिखा होता है, और कोई प्रायोजक संपादकीय सामग्री तय नहीं करता।

सुधार और शिकायत

गलती होने पर 48 घंटे में सुधार, लेख में ही तारीख़ के साथ — सुधार नीति। शिकायत के लिए शिकायत निवारण पेज देखें।