SCR को जानें

लखनऊ SCR क्या है? जिले, क्षेत्रफल, प्राधिकरण और पूरा प्लान

लखनऊ और आसपास के पांच जिलों को मिलाकर बना स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) दिल्ली-NCR की तर्ज पर एक साथ प्लान करके विकसित किया जाने वाला इलाका है। यहां जानिए यह क्या है और आपके लिए इसका क्या मतलब है।

जानकारी जांची गई:

SCR एक लाइन में

उत्तर प्रदेश सरकार ने जुलाई 2024 में लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली और बाराबंकी — इन छह जिलों को मिलाकर उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UP-SCR) बनाया। मक़सद है कि इन जिलों में सड़क, मेट्रो, उद्योग, आवास और रोज़गार की प्लानिंग अलग-अलग नहीं, बल्कि एक साथ हो — ठीक वैसे जैसे दिल्ली के आसपास NCR में होती है।

कौन से जिले शामिल हैं

जिला मंडल आबादी (जनगणना 2011)
लखनऊ लखनऊ 45.9 लाख
सीतापुर लखनऊ 44.8 लाख
हरदोई लखनऊ 40.9 लाख
रायबरेली लखनऊ 34.1 लाख
बाराबंकी अयोध्या 32.6 लाख
उन्नाव लखनऊ 31.1 लाख
कुल करीब 2.29 करोड़

शुरुआती प्रस्तावों (2023) में कानपुर और कानपुर देहात को भी जोड़कर 8 जिलों और करीब 34,000 वर्ग किमी की बात थी, लेकिन अंतिम अधिसूचना में ये दोनों जिले शामिल नहीं हुए।1

कितना बड़ा है

  • 27,826 वर्ग किलोमीटर — जुलाई 2024 की अधिसूचना और विधानसभा से पास हुए विधेयक के अनुसार।2
  • करीब 26,741 वर्ग किलोमीटर — सितंबर 2026 में मंज़ूर हुए GIS बेस मैप के अनुसार।3

दोनों आंकड़ों में करीब 1,100 वर्ग किमी का अंतर है। सरकार ने अभी इस अंतर की वजह आधिकारिक तौर पर नहीं बताई है; जैसे ही रीजनल प्लान या गजट में साफ़ होगा, हम यहां अपडेट करेंगे।

कानून और प्राधिकरण

क्या जानकारी
कानून उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र और अन्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2024 (अधिनियम संख्या 6, लागू 6 अगस्त 2024)
विभाग आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश
प्राधिकरण उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन विकास प्राधिकरण (UP-SCRDA), मुख्यालय लखनऊ
अध्यक्ष मुख्यमंत्री
उपाध्यक्ष मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश
प्लान बनाने वाली संस्था लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) — GIS आधारित रीजनल मास्टर प्लान, जिसकी समय-सीमा 2051 तक की है

नाम पदों के हिसाब से लिखे गए हैं, क्योंकि अफ़सरों के तबादले होते रहते हैं। सितंबर 2026 की बैठक में बेस मैप को मंज़ूरी देने वाली समिति की अध्यक्षता लखनऊ के मंडलायुक्त ने की थी।3

अब तक क्या हुआ

तारीख क्या हुआ
8 सितंबर 2026 बेस मैप को मंज़ूरी। इसे बनाने में 22 विभागों से सलाह ली गई और छहों जिलों में 2,239 जगहों पर ज़मीन पर जाकर जांच हुई। करीब 30 बड़े प्रोजेक्ट चिन्हित। अगला कदम: कार्यकारी समिति की मंज़ूरी, फिर रीजनल प्लान।3
जुलाई 2026 LDA ने SCR के लिए GIS आधारित मास्टर प्लान 2051 की तैयारी शुरू की।4
मई 2026 मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समीक्षा: 29 बड़े प्रोजेक्ट पर चर्चा, लखनऊ में करीब 150 किमी के 10 नए मेट्रो कॉरिडोर की DPR बनाने को मंज़ूरी।5
6 अगस्त 2024 SCR अधिनियम लागू।
31 जुलाई 2024 विधानसभा ने विधेयक पास किया।2
19 जुलाई 2024 अध्यादेश के तहत SCR और उसका प्राधिकरण अधिसूचित।6

आगे क्या बनाने की तैयारी है

सरकारी समीक्षा बैठकों में जिन प्रोजेक्ट पर बात हुई है, वे अभी प्लानिंग के स्तर पर हैं — यानी इनका रूट, लागत और समय-सीमा तय होना बाकी है:5

  • कनेक्टिविटी: स्टेट कैपिटल रिंग रोड (रीजनल रोड नेटवर्क), एलिवेटेड पेरिफेरल रोड, सड़कों का अपग्रेड, ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर।
  • मेट्रो: एयरपोर्ट, IIM, चारबाग, इंदिरा नगर, जानकीपुरम, मोहनलालगंज, बंथरा और बाराबंकी रोड जैसी जगहों को जोड़ने वाले नए कॉरिडोर; काम 2047 तक चरणों में।
  • कारोबार: इंडस्ट्रियल पार्क, लॉजिस्टिक्स हब, फ़ूड पार्क, ट्रांसपोर्ट नगर और लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे के आसपास विकास।

इनमें से जो पहले से चालू है, उसका भी हिसाब हम रखते हैं — जैसे लखनऊ–कानपुर (अवध) एक्सप्रेसवे, जो 13 जुलाई 2026 को शुरू हुआ।7 हर प्रोजेक्ट की ताज़ा स्थिति के लिए इंफ्रा ट्रैकर देखें।

आपके लिए इसका मतलब

  • घर लेने वालों के लिए: रीजनल प्लान बनने के बाद तय होगा कि कहां रिहायशी, कहां औद्योगिक और कहां हरित इलाके होंगे। ज़मीन या मकान लेने से पहले उस इलाके का मास्टर प्लान और प्रोजेक्ट का RERA पंजीकरण ज़रूर देखें। बिल्डरों या एजेंटों के "SCR में दाम दोगुने" जैसे दावों का कोई सरकारी आधार नहीं है।
  • कारोबारियों के लिए: इंडस्ट्रियल पार्क, लॉजिस्टिक्स और फ़ूड पार्क की योजनाएं जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगी, ज़मीन आवंटन और सब्सिडी की जानकारी हम यहां देंगे।
  • नौकरी और पढ़ाई के लिए: बेहतर कनेक्टिविटी का मतलब है कि सीतापुर, हरदोई या रायबरेली में रहकर लखनऊ में काम करना आसान होगा — सरकार भी इसे पलायन कम करने का रास्ता बता रही है।

SCR और NCR में फ़र्क

NCR दिल्ली के आसपास कई राज्यों (दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान) में फैला है और उसकी प्लानिंग केंद्र सरकार के NCR प्लानिंग बोर्ड से होती है। UP-SCR पूरी तरह उत्तर प्रदेश के भीतर है और इसे राज्य का अपना कानून और प्राधिकरण चलाता है।