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SCR का बेस मैप मंज़ूर — अब आगे क्या होगा और आपके लिए इसका मतलब

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लखनऊ और आसपास के पांच जिलों के स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) ने प्लानिंग का पहला बड़ा पड़ाव पार कर लिया है। 8 सितंबर 2026 को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में हुई समीक्षा बैठक में SCR के बेस मैप को मंज़ूरी मिली। बैठक की अध्यक्षता लखनऊ के मंडलायुक्त ने की।1

मुख्य बातें

  • बेस मैप छहों जिलों — लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, बाराबंकी और रायबरेली — को कवर करता है। इसके हिसाब से SCR का दायरा करीब 26,741 वर्ग किमी है।2
  • इसे बनाने से पहले राजस्व, PWD, रेलवे, वन, सिंचाई, नगर निकाय और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग समेत 22 विभागों और संस्थाओं से सहमति ली गई।1
  • नक्शे की जानकारी सही है या नहीं, यह देखने के लिए छहों जिलों में 2,239 जगहों पर जाकर जांच (ग्राउंड ट्रूथिंग) की गई।2
  • परिवहन, अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन से जुड़े करीब 30 बड़े प्रोजेक्ट चिन्हित किए गए हैं।2

बेस मैप होता क्या है?

बेस मैप किसी इलाके की "आज की तस्वीर" है — कहां सड़कें हैं, कहां गांव और शहर हैं, कहां खेत, जंगल, नदी और सरकारी ज़मीन है। आगे का पूरा मास्टर प्लान इसी तस्वीर पर बनता है। यानी बेस मैप यह नहीं बताता कि कहां क्या बनेगा; वह बताता है कि अभी कहां क्या है।

अब आगे क्या

  1. बेस मैप अब SCR की कार्यकारी समिति के पास मंज़ूरी के लिए जाएगा।1
  2. उसके बाद रीजनल प्लान बनेगा — यही तय करेगा कि कौन सा इलाका रिहायशी, औद्योगिक, कारोबारी या हरित रहेगा, और सड़क, मेट्रो व रेल कहां से गुज़रेगी।
  3. LDA यह प्लान GIS तकनीक से बना रहा है और इसकी समय-सीमा 2051 तक की है।3

रीजनल प्लान में जिन प्रोजेक्ट पर ज़ोर रहने की बात कही गई है, उनमें रीजनल रोड, एलिवेटेड पेरिफेरल रोड, मौजूदा सड़कों का अपग्रेड, ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, मेट्रो नेटवर्क, इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, लॉजिस्टिक्स पार्क, फ़ूड पार्क और लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के आसपास विकास शामिल हैं।2 इन सबकी ताज़ा स्थिति इंफ्रा ट्रैकर पर है।

आपके लिए इसका मतलब

घर या ज़मीन लेने की सोच रहे हैं? अभी किसी भी प्रोजेक्ट का रूट या ज़ोनिंग तय नहीं हुई है। अगर कोई "रिंग रोड यहीं से निकलेगी" या "यह इलाका SCR का कमर्शियल हब बनेगा" कहकर ज़मीन बेच रहा है, तो उस दावे का अभी कोई सरकारी आधार नहीं है। सौदे से पहले इलाके का मौजूदा मास्टर प्लान, ज़मीन के कागज़ और प्रोजेक्ट का RERA पंजीकरण ज़रूर जांचें।

कारोबार या उद्योग लगाना है? इंडस्ट्रियल पार्क, लॉजिस्टिक्स और फ़ूड पार्क की जगहें रीजनल प्लान में तय होंगी। तब तक प्रदेश की मौजूदा औद्योगिक नीतियां और औद्योगिक क्षेत्र ही विकल्प हैं।

नौकरी या पढ़ाई के लिए लखनऊ आते-जाते हैं? सरकार का कहना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से गांवों तक शहरी सुविधाएं पहुंचेंगी और पलायन घटेगा।2 मेट्रो और सड़क प्रोजेक्ट जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगे, हम यहां बताएंगे।

SCR का अब तक का सफ़र

तारीख पड़ाव
8 सितंबर 2026 बेस मैप को मंज़ूरी
जुलाई 2026 LDA ने GIS आधारित मास्टर प्लान 2051 का काम शुरू किया3
मई 2026 मुख्य सचिव की समीक्षा में 29 प्रोजेक्ट; 10 नए मेट्रो कॉरिडोर की DPR को मंज़ूरी4
6 अगस्त 2024 SCR अधिनियम लागू5
19 जुलाई 2024 SCR और उसका प्राधिकरण अधिसूचित

SCR की पूरी बुनियादी जानकारी — जिले, क्षेत्रफल, कानून, प्राधिकरण — SCR क्या है पेज पर पढ़ें।