SCR गाइड

एक जिला एक उत्पाद (ODOP): लखनऊ SCR के छह जिलों के उत्पाद और योजनाएं

‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) उत्तर प्रदेश की योजना है, जिसमें हर जिले के ख़ास पारंपरिक उत्पाद को पहचान, ट्रेनिंग, क़र्ज़ पर सब्सिडी और बाज़ार दिलाने में मदद मिलती है। SCR के छह जिलों के उत्पाद odopup.in पर दर्ज हैं।

जानकारी जांची गई:

एक जिला एक उत्पाद (ODOP) उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है। इसमें हर जिले के किसी ख़ास पारंपरिक उत्पाद को चुनकर उसके कारीगरों और कारोबारियों को ट्रेनिंग, टूलकिट, क़र्ज़ पर सब्सिडी, साझा सुविधा केंद्र और बाज़ार दिलाने में मदद दी जाती है। योजना 24 जनवरी 2018 को शुरू हुई, और मई 2025 तक इसमें 74 उत्पाद हो गए।1 लखनऊ SCR के छहों जिलों के उत्पाद odopup.in पर दर्ज हैं।2

SCR के छह जिलों के ODOP उत्पाद

जिला ODOP उत्पाद पोर्टल पर दर्ज ख़ास बात
लखनऊ चिकनकारी, ज़री-ज़रदोज़ी चिकनकारी GI टैग वाली हाथ की कढ़ाई है; दोनों के लिए साझा सुविधा केंद्र (CFC) बन रहा है3
हरदोई हथकरघा उत्पाद, टेक्सटाइल उत्पाद साड़ी रंगाई-छपाई और हथकरघा इकाई की प्रोजेक्ट रिपोर्ट उपलब्ध4
सीतापुर दरी खैराबाद, लहरपुर, बिसवां, परसेंडी बड़े केंद्र; बिसवां में CFC चालू5
उन्नाव ज़री-ज़रदोज़ी, चमड़े के उत्पाद ज़री-ज़रदोज़ी का CFC चालू; चमड़े में जूते, बैग, बेल्ट, सैडलरी6
रायबरेली लकड़ी का काम (वुडक्राफ़्ट) दरवाज़े, खिड़कियां, चौखट, फ़र्नीचर और लकड़ी के मंदिर7
बाराबंकी हथकरघा उत्पाद, टेक्सटाइल उत्पाद स्कार्फ़, स्टोल, शॉल, दुपट्टे; धागा और कपड़ा इकाई की प्रोजेक्ट रिपोर्ट8

ध्यान दें कि लखनऊ और उन्नाव, दोनों का एक उत्पाद ज़री-ज़रदोज़ी है, और हरदोई व बाराबंकी, दोनों के उत्पाद हथकरघा और टेक्सटाइल हैं। हर जिले की विस्तृत जानकारी उसके जिला पेज पर है।

कारीगरों और उद्यमियों के लिए योजनाएं

ODOP के तहत चार मुख्य योजनाएं हैं: वित्तीय सहायता (मार्जिन मनी), ट्रेनिंग और टूलकिट, साझा सुविधा केंद्र (CFC), और मार्केटिंग विकास सहायता।9

1. मार्जिन मनी (वित्तीय सहायता)

यह योजना 24 सितंबर 2018 के शासनादेश से मंज़ूर हुई। सब्सिडी क़र्ज़ नहीं है; बाकी लागत अपनी पूंजी या बैंक क़र्ज़ से लगानी होती है।10

प्रोजेक्ट की लागत मार्जिन मनी सब्सिडी
25 लाख रुपये तक लागत का 25%, अधिकतम 6.25 लाख रुपये
25 से 50 लाख रुपये लागत का 20% या 6.25 लाख रुपये, जो ज़्यादा हो
50 लाख से 1.5 करोड़ रुपये लागत का 10% या 10 लाख रुपये, जो ज़्यादा हो
1.5 करोड़ रुपये से ऊपर लागत का 10%, अधिकतम 20 लाख रुपये

शर्तें: उम्र कम से कम 18 साल, पढ़ाई की कोई शर्त नहीं, और किसी बैंक या वित्तीय संस्था का डिफ़ॉल्टर न हो।10 EMI का अंदाज़ा EMI कैलकुलेटर से लगा सकते हैं।

2. ट्रेनिंग और टूलकिट

  • 10 दिन की मुफ़्त ट्रेनिंग, रोज़ 200 रुपये मानदेय
  • ट्रेनिंग के दौरान आधुनिक टूलकिट मुफ़्त
  • उम्र 18 साल से ऊपर, UP का मूल निवासी, पढ़ाई की शर्त नहीं
  • पिछले 2 साल में किसी दूसरी योजना से टूलकिट न लिया हो
  • एक परिवार (पति-पत्नी) को एक ही बार लाभ11

3. साझा सुविधा केंद्र (CFC)

CFC में कारीगरों को आधुनिक मशीनें और साझा सुविधाएं मिलती हैं।9 SCR में सीतापुर (बिसवां) और उन्नाव में ऐसे केंद्र चालू दर्ज हैं, और लखनऊ में बन रहा है।356

4. मार्केटिंग विकास सहायता

इसमें प्रदर्शनियों में हिस्सा लेने, ब्रांडिंग और बाज़ार से जोड़ने में मदद मिलती है।9 ODOP पोर्टल पर Amazon और GeM जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर विक्रेता बनने का रास्ता भी बताया गया है।11

आवेदन कैसे करें

  1. odopup.in पर अपनी योजना चुनें।
  2. "Apply Now" से UP के MSME पोर्टल (msme.up.gov.in) पर पंजीकरण करें।1011
  3. फ़ॉर्म भरकर जमा करें। मार्जिन मनी में बैंक क़र्ज़ की प्रक्रिया भी साथ चलती है।10
  4. सवाल हों तो जिला उद्योग केंद्र या लखनऊ के निर्यात भवन में ODOP सेल से संपर्क करें।10

कारोबार के लिए दूसरी सरकारी मंज़ूरियां (रजिस्ट्रेशन, NOC, लाइसेंस) निवेश मित्र पोर्टल से मिलती हैं।

आपके लिए इसका मतलब

  • कारीगर: अपने जिले का उत्पाद बनाते हैं, तो ट्रेनिंग और मुफ़्त टूलकिट सबसे आसान शुरुआत है।
  • नया कारोबार: ODOP उत्पाद से जुड़ी इकाई लगाने पर मार्जिन मनी सब्सिडी से अपनी पूंजी का बोझ घटता है। ODOP पोर्टल पर जिलों की प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी हैं।
  • ख़रीदार और दुकानदार: ODOP उत्पादों के लिए पोर्टल पर विक्रेताओं और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म की जानकारी है।
  • SCR के संदर्भ में: SCR की समीक्षा बैठकों में इंडस्ट्रियल पार्क, लॉजिस्टिक्स हब और फ़ूड पार्क के प्रस्ताव अभी प्लानिंग के स्तर पर हैं (SCR क्या है)। किसी प्रोजेक्ट की असली स्थिति इंफ्रा ट्रैकर पर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लखनऊ SCR के जिलों के ODOP उत्पाद क्या हैं?
ODOP पोर्टल के मुताबिक़: लखनऊ — चिकनकारी और ज़री-ज़रदोज़ी; हरदोई — हथकरघा और टेक्सटाइल उत्पाद; सीतापुर — दरी; उन्नाव — ज़री-ज़रदोज़ी और चमड़े के उत्पाद; रायबरेली — लकड़ी का काम (वुडक्राफ़्ट); बाराबंकी — हथकरघा और टेक्सटाइल उत्पाद।
ODOP मार्जिन मनी योजना में कितनी सब्सिडी मिलती है?
25 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट पर लागत का 25%, अधिकतम 6.25 लाख रुपये। इससे बड़े प्रोजेक्ट पर दर घटती है, और 1.5 करोड़ से ऊपर के प्रोजेक्ट पर 10%, अधिकतम 20 लाख रुपये। बाकी पैसा अपनी पूंजी या बैंक क़र्ज़ से लगाना होता है।
ODOP ट्रेनिंग और टूलकिट योजना में क्या मिलता है?
10 दिन की मुफ़्त ट्रेनिंग, रोज़ 200 रुपये मानदेय और मुफ़्त आधुनिक टूलकिट। आवेदक 18 साल से ऊपर का और UP का मूल निवासी हो। पिछले 2 साल में किसी दूसरी योजना से टूलकिट न लिया हो, और एक परिवार (पति-पत्नी) को एक ही बार लाभ मिलता है।
ODOP योजनाओं में आवेदन कहां करें?
ODOP पोर्टल की योजनाओं का ‘Apply Now’ लिंक UP के MSME पोर्टल msme.up.gov.in पर ले जाता है। जिला उद्योग केंद्र से भी जानकारी मिलती है। ODOP सेल लखनऊ के निर्यात भवन में है।
ODOP योजना कब शुरू हुई?
ODOP योजना 24 जनवरी 2018 को शुरू हुई। मई 2025 में 12 नए उत्पाद जुड़ने के बाद इसमें कुल 74 उत्पाद हो गए।