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लखनऊ–कानपुर (अवध) एक्सप्रेसवे — रूट, टोल, समय और ताज़ा स्थिति

लखनऊ के शहीद पथ से कानपुर तक 63 किमी का छह लेन वाला एक्सप्रेसवे 13 जुलाई 2026 से चालू है। इसे NHAI ने बनाया है और यह SCR के लखनऊ और उन्नाव जिलों से गुज़रता है।

जानकारी जांची गई:

लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे 63 किमी लंबा, छह लेन वाला, पूरी तरह एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है। रक्षा मंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री ने 13 जुलाई 2026 को इसका उद्घाटन किया।1 इसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बनाया है।3 SCR में यह लखनऊ और उन्नाव जिलों से होकर गुज़रता है।

एक नज़र में

क्या जानकारी
लंबाई 63 किमी1
लेन 6 लेन, आगे 8 लेन तक बढ़ाने की गुंजाइश2
लागत स्रोतों में अलग-अलग: DPR का अनुमान करीब 4,500 करोड़ रुपये2; ThePrint के मुताबिक 4,700 करोड़ रुपये4; UNI के मुताबिक 3,600 करोड़ रुपये3
बनाने वाली संस्था NHAI; राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे-6 (NE-6) के रूप में अधिसूचित4
शुरुआत / उद्घाटन शिलान्यास मार्च 20192; उद्घाटन 13 जुलाई 20261
स्थिति चालू — 5 अगस्त 2026 से मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली बंद5
SCR के जिले लखनऊ (11 गांव) और उन्नाव (31 गांव)2

रूट: कहां से कहां तक

एक्सप्रेसवे लखनऊ में शहीद पथ के पास से शुरू होता है और कानपुर पर ख़त्म होता है।8 इसे दो पैकेज में बनाया गया है।4

  • पैकेज-1 (17.52 किमी): शहीद पथ (लखनऊ एयरपोर्ट के पास) से साई नदी के पुल तक। इसमें करीब 10 किमी हिस्सा एलिवेटेड है।4
  • पैकेज-2 (45.24 किमी): साई नदी के आगे उन्नाव जिले से होकर कानपुर तक।4
  • एलिवेटेड हिस्से अमौसी और शहीद पथ इलाके से गुज़रते हैं।2
  • एक्सप्रेसवे पुराने लखनऊ–कानपुर हाईवे और उन्नाव–लालगंज हाईवे से जुड़ता है।7

पूरे रास्ते में तीन बड़े पुल, 28 छोटे पुल, 38 अंडरपास और छह फ़्लाईओवर हैं।4 रूट को नक्शे पर देखने के लिए SCR नक्शा खोलें।

सफ़र का समय

उद्घाटन के समय सरकार ने बताया कि लखनऊ से कानपुर का सफ़र अब 35 से 45 मिनट का होगा।1 पुराना NH-27 रास्ता करीब 94 किमी का है और उस पर पीक ट्रैफ़िक में ढाई से तीन घंटे लगते रहे हैं।7

एक्सप्रेसवे 120 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार के लिए डिज़ाइन हुआ है। हर 2 किमी पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स हैं और दो कंट्रोल रूम 24 घंटे चलते हैं। रफ़्तार पर नज़र रखने के लिए AI आधारित सिस्टम लगा है।1

टोल और मरम्मत की स्थिति

  • उद्घाटन पर: कार का एक तरफ़ का टोल 275 रुपये बताया गया।1
  • 22 जुलाई 2026: सालाना संशोधन में कार का एक तरफ़ का टोल 285 रुपये और उसी दिन वापसी के साथ 425 रुपये हुआ।46
  • 26 जुलाई 2026: उन्नाव के कोरारी इलाके में किमी 64 के पास सड़क का एक हिस्सा खिसका। NHAI ने करीब 300 मीटर हिस्सा दोबारा बनवाना शुरू किया।45
  • 5 अगस्त 2026: NHAI ने घोषणा की कि हिस्सा पूरी तरह ठीक होने तक यात्रियों से टोल नहीं लिया जाएगा। मरम्मत का ख़र्च निर्माण कंपनी उठाएगी, और टोल का नुकसान भी उसी से वसूला जाएगा।5
  • IIT खड़गपुर की अगुवाई वाली एक समिति सड़क की मज़बूती की जांच कर रही है।4

20 अक्टूबर 2026 तक टोल दोबारा शुरू होने की आधिकारिक सूचना हमें नहीं मिली। टोल MLFF व्यवस्था से, यानी FASTag और ANPR कैमरों से चलते-चलते कटता है।2 दोपहिया वाहनों को इस एक्सप्रेसवे पर चलने की अनुमति नहीं है।1

पुराने रास्ते का विकल्प भी बना हुआ है। NH-27 के नवाबगंज टोल प्लाज़ा पर जुलाई 2026 के संशोधन के बाद कार का एक तरफ़ का टोल 100 रुपये है।6

आपके लिए इसका मतलब

  • आने-जाने में: लखनऊ, उन्नाव और कानपुर के बीच रोज़ नौकरी या पढ़ाई के लिए आने-जाने वालों को एक तेज़ और सिग्नल-फ़्री रास्ता मिला है। लखनऊ की ओर यह एयरपोर्ट के पास से शुरू होता है, इसलिए कानपुर और उन्नाव से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचना आसान हुआ है।
  • उन्नाव के लिए: उन्नाव के 31 गांवों से यह रास्ता गुज़रता है।2 जिले से उन्नाव–लालगंज हाईवे के ज़रिये भी इस पर पहुंचा जा सकता है।7 उन्नाव जिला गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ा है।
  • कारोबार के लिए: कानपुर और लखनऊ के बीच माल ढुलाई का समय घटने से छोटे कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों को फ़ायदा होगा। SCR के रीजनल प्लान में इस एक्सप्रेसवे के आसपास "कॉरिडोर आधारित विकास" को चिन्हित किया गया है, पर उसका ब्योरा अभी तय नहीं है।9
  • सावधानी: एक्सप्रेसवे के नाम पर ज़मीन या प्लॉट के दावों पर भरोसा करने से पहले संबंधित विकास प्राधिकरण से पुष्टि करें। रीजनल प्लान की प्रक्रिया रीजनल प्लान गाइड में समझें।

SCR के बाकी प्रोजेक्ट की स्थिति इंफ्रा ट्रैकर पर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे पर अभी टोल कितना है?
उद्घाटन के दिन कार का एक तरफ़ का टोल 275 रुपये बताया गया था। 22 जुलाई 2026 को सालाना बढ़ोतरी के बाद यह 285 रुपये और उसी दिन वापसी के साथ 425 रुपये हुआ। 5 अगस्त 2026 से NHAI ने मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली रोक दी। 20 अक्टूबर 2026 तक टोल दोबारा शुरू होने की आधिकारिक सूचना हमें नहीं मिली, इसलिए सफ़र से पहले NHAI से पुष्टि करें।
लखनऊ में एक्सप्रेसवे पर कहां से चढ़ें?
एक्सप्रेसवे लखनऊ में शहीद पथ के पास, एयरपोर्ट (अमौसी) वाले इलाके से शुरू होता है। शुरुआती करीब 17.5 किमी हिस्सा शहीद पथ से साई नदी के पुल तक जाता है, जिसका बड़ा भाग एलिवेटेड है।
क्या बाइक या स्कूटर इस एक्सप्रेसवे पर चल सकते हैं?
नहीं। आकाशवाणी की रिपोर्ट के मुताबिक इस एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों को चलने की अनुमति नहीं है। दोपहिया के लिए पुराना लखनऊ–कानपुर हाईवे (NH-27) ही रास्ता है।
लखनऊ से कानपुर एक्सप्रेसवे से कितनी देर में पहुंचते हैं?
उद्घाटन के समय सरकार ने 35 से 45 मिनट का समय बताया था। पुराने NH-27 से यह दूरी करीब 94 किमी है और इसमें ढाई से तीन घंटे लगते रहे हैं। असल समय ट्रैफ़िक और मरम्मत वाले हिस्सों पर निर्भर करेगा।
टोल कैसे कटता है, क्या रुकना पड़ता है?
इस एक्सप्रेसवे पर मल्टी-लेन फ़्री फ़्लो (MLFF) व्यवस्था है। एडवांस FASTag और नंबर-प्लेट पढ़ने वाले ANPR कैमरों से चलते-चलते टोल कटता है। इसलिए गाड़ी पर चालू FASTag ज़रूरी है।
इसे अवध एक्सप्रेसवे क्यों कहते हैं?
सरकारी घोषणाओं में इसका नाम लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे है और यह नेशनल एक्सप्रेसवे-6 (NE-6) के रूप में अधिसूचित है। इसके दूसरे पैकेज को बनाने वाली कंपनी का नाम अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड है, और कई जगह यह अवध एक्सप्रेसवे नाम से भी जाना जाता है।