SCR गाइड

SCR रीजनल प्लान क्या है — इसमें क्या होगा, कैसे बनेगा, आपत्ति कब

रीजनल प्लान लखनऊ SCR के छह जिलों का साझा विकास प्लान है। SCR अधिनियम 2024 के तहत SCR प्राधिकरण इसे बनाएगा। अक्टूबर 2026 तक इसका काम बेस मैप तक पहुंचा है, ड्राफ्ट अभी नहीं आया।

जानकारी जांची गई:

रीजनल प्लान वह दस्तावेज़ है जो तय करेगा कि लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली और बाराबंकी में आगे कहां क्या होगा। इसमें भू-उपयोग नीति, बड़ी सड़कें, रेल, मेट्रो, पानी-सीवर और औद्योगिक इलाके शामिल होंगे।1 इसे उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन विकास प्राधिकरण बनाएगा।1 अभी इसकी नींव, यानी बेस मैप, मंज़ूर हुई है। ड्राफ्ट प्लान आना बाकी है।2

रीजनल प्लान में क्या-क्या होगा

SCR अधिनियम, 2024 की धारा 12 कहती है कि रीजनल प्लान एक लिखित दस्तावेज़ होगा, जिसके साथ नक्शे, डायग्राम और विवरण होंगे।1 इसमें ये बातें होंगी:1

  1. पूरे क्षेत्र के लिए भू-उपयोग नीति और अलग-अलग उपयोगों के लिए ज़मीन का बंटवारा
  2. बड़े शहरी इलाकों में बसावट का पैटर्न
  3. आगे के विकास के लिए आर्थिक आधार के प्रस्ताव
  4. सड़क, रेल, नहर, मेट्रो, बस रैपिड ट्रांज़िट और संचार के प्रस्ताव
  5. पीने का पानी, ड्रेनेज और सीवर के प्रस्ताव
  6. तुरंत विकास वाले इलाकों की पहचान, यानी प्राथमिकता क्षेत्र
  7. इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और इंडस्ट्रियल पार्क के प्रस्ताव
  8. संतुलित विकास के लिए सरकार की बताई दूसरी बातें

बेस मैप मंज़ूर होने के समय जिन करीब 30 प्रोजेक्ट की पहचान हुई, जैसे एलिवेटेड पेरिफेरल रोड, ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स पार्क, उनके रीजनल प्लान का हिस्सा बनने की बात कही गई है।2 इनकी स्थिति इंफ्रा ट्रैकर पर है।

रीजनल प्लान कैसे बनेगा: क़दम-दर-क़दम

  1. सर्वे और अध्ययन (धारा 13)। प्राधिकरण ज़रूरी सर्वे करा सकता है और विशेषज्ञ या कंसल्टेंट रख सकता है।1 सितंबर 2026 में मंज़ूर बेस मैप इसी चरण का नतीजा है।2
  2. ड्राफ्ट तैयार (धारा 14)। प्राधिकरण अपनी कार्यकारी समिति के साथ मिलकर ड्राफ्ट बनाएगा।1
  3. सार्वजनिक जांच और आपत्ति (धारा 14)। ड्राफ्ट की प्रति देखने के लिए उपलब्ध होगी। नोटिस में दी गई तारीख़ तक कोई भी आपत्ति या सुझाव दे सकेगा। स्थानीय निकायों और प्रभावित लोगों को सुनवाई का मौका मिलेगा।1
  4. अंतिम प्लान (धारा 15)। आपत्तियों पर विचार के बाद प्राधिकरण अंतिम प्लान की सूचना छापेगा। उसमें लिखा होगा कि प्लान की प्रति कहां देखी जा सकती है।1
  5. बदलाव (धारा 16)। छोटे बदलाव हो सकते हैं, पर उससे पहले प्रस्तावित बदलाव की सूचना छपेगी और आपत्तियां सुनी जाएंगी।1
  6. समीक्षा (धारा 17)। अंतिम प्लान की हर 10 साल में कम से कम एक बार पूरी समीक्षा होगी। बदलने या नया प्लान लाने के लिए फिर से आपत्ति-सुझाव की प्रक्रिया चलेगी।1

कानून में आपत्ति के लिए दिनों की कोई तय संख्या नहीं लिखी है। यह ड्राफ्ट के नोटिस में बताई जाएगी।1

SCR के बाकी प्लान से रिश्ता

कानून कई तरह के प्लान की बात करता है। सबसे ऊपर रीजनल प्लान है, बाकी उसी के हिसाब से बनेंगे।1

प्लान कानून की परिभाषा (धारा 2) दायरा
रीजनल प्लान पूरे क्षेत्र के विकास या पुनर्विकास का प्लान छहों जिले
फ़ंक्शनल प्लान रीजनल प्लान के किसी हिस्से (जैसे परिवहन) को विस्तार से बताने वाला प्लान विषय के हिसाब से
मास्टर प्लान विकास प्राधिकरण का अपने क्षेत्र के लिए बनाया प्लान एक शहर/प्राधिकरण
प्रोजेक्ट प्लान किसी हिस्से को ज़मीन पर उतारने का विस्तृत प्लान एक प्रोजेक्ट

कानून की धारा 9 SCR प्राधिकरण को क्षेत्र के विकास प्राधिकरणों के मास्टर प्लान मंज़ूर करने, बदलने और संशोधित करने के वे अधिकार देती है जो पहले राज्य सरकार के पास थे।1 धारा 36 कहती है कि अंतिम रीजनल प्लान छपने के बाद उससे टकराने वाली कोई विकास योजना नहीं बन सकेगी।1 प्राधिकरण में कौन बैठता है और कौन तय करता है, यह SCR प्राधिकरण कैसे काम करता है में विस्तार से है।

कितने साल का प्लान

कानून रीजनल प्लान की कोई अवधि तय नहीं करता, सिर्फ़ 10 साल में समीक्षा ज़रूरी बनाता है।1 LDA SCR के लिए जो GIS आधारित प्लान बना रहा है, उसकी समय-सीमा 2051 तक की है।3 GIS प्लान का फ़ायदा यह है कि सैटेलाइट तस्वीरें, डिजिटल नक्शे और ज़मीन का डेटा एक ही जगह रहते हैं, और प्रोजेक्ट आगे बढ़ने पर इन्हें अपडेट किया जा सकता है।3

आपके लिए इसका मतलब

  • घर या ज़मीन लेने वाले: रीजनल प्लान का ड्राफ्ट आने तक किसी इलाके के "रीजनल प्लान में कमर्शियल ज़ोन" होने का दावा सिर्फ़ दावा है। ड्राफ्ट आए, तब भी अंतिम प्लान में बदलाव हो सकता है।
  • किसान और ज़मीन मालिक: ड्राफ्ट में अपने गांव का प्रस्तावित उपयोग देखें। आपत्ति का मौका कानून देता है, पर तारीख़ नोटिस में होगी। SCR Times ड्राफ्ट आने पर उसे आसान भाषा में समझाएगा।
  • कारोबारी: इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और पार्क रीजनल प्लान का हिस्सा होंगे। तब तक मौजूदा औद्योगिक इलाके और निवेश मित्र जैसी व्यवस्था ही रास्ता है।
  • पंचायत और नगर निकाय: कानून स्थानीय निकायों को सुनवाई का मौका देता है। अपने इलाके की सड़क, पानी और सीवर की ज़रूरतें पहले से लिखकर रखें।

छहों जिलों की बुनियादी जानकारी SCR के जिले पेज पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

SCR का रीजनल प्लान कब आएगा?
सरकार ने ड्राफ्ट रीजनल प्लान की कोई तारीख़ घोषित नहीं की है। सितंबर 2026 में बेस मैप मंज़ूर हुआ, जिसे अब कार्यकारी समिति के पास जाना है। उसके बाद रीजनल प्लान बनेगा।
रीजनल प्लान पर आपत्ति कैसे और कितने दिन में दे सकते हैं?
कानून की धारा 14 के मुताबिक़ ड्राफ्ट सार्वजनिक होगा और नोटिस में दी गई तारीख़ तक आपत्ति-सुझाव दिए जा सकेंगे। कानून में दिनों की तय संख्या नहीं लिखी है; यह नोटिस में बताई जाएगी।
क्या रीजनल प्लान आने के बाद लखनऊ का मास्टर प्लान बदल जाएगा?
अंतिम रीजनल प्लान छपने के बाद उससे टकराने वाली कोई विकास योजना नहीं बन सकती (धारा 36)। SCR प्राधिकरण को क्षेत्र के विकास प्राधिकरणों के मास्टर प्लान मंज़ूर करने और बदलने के सरकारी अधिकार भी मिले हैं। यानी आगे के मास्टर प्लान रीजनल प्लान के हिसाब से बनेंगे।
रीजनल प्लान कितने साल के लिए होगा?
कानून में अवधि नहीं लिखी है, पर हर 10 साल में पूरी समीक्षा ज़रूरी है। LDA SCR के लिए GIS आधारित प्लान 2051 तक की समय-सीमा से बना रहा है।
क्या रीजनल प्लान से मेरी ज़मीन का उपयोग तय होगा?
रीजनल प्लान बड़े स्तर पर भू-उपयोग नीति और ज़मीन का बंटवारा तय करेगा। किसी एक प्लॉट का सटीक उपयोग आम तौर पर शहर के मास्टर प्लान और ज़ोनिंग से तय होता है।