SCR गाइड
मास्टर प्लान क्या है — लखनऊ मास्टर प्लान 2031 और UP में यह कैसे बनता है
मास्टर प्लान किसी शहर के विकास क्षेत्र का वह नक्शा और नियम है, जो बताता है कि कौन सी ज़मीन किस काम के लिए है। लखनऊ में अभी मास्टर प्लान 2031 लागू है, जिसे राज्य सरकार ने 19 दिसंबर 2016 को मंज़ूरी दी थी।
जानकारी जांची गई:
मास्टर प्लान किसी शहर का भविष्य का नक्शा है, जो बताता है कि किस इलाके की ज़मीन रिहायश, दुकान, उद्योग, दफ़्तर, पार्क, सड़क या खेती के लिए है। सरकारी दस्तावेज़ों में इसे महायोजना कहा जाता है। उत्तर प्रदेश में विकास प्राधिकरण इसे उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास अधिनियम, 1973 के तहत बनाते हैं।1 लखनऊ में अभी मास्टर प्लान 2031 लागू है।2
UP में मास्टर प्लान कैसे बनता है
1973 के कानून में पूरी प्रक्रिया लिखी है:1
- सर्वे और प्लान (धारा 8)। प्राधिकरण शहर का सर्वे करके मास्टर प्लान बनाता है। प्लान विकास क्षेत्र को ज़ोन में बांटता है और हर ज़ोन में ज़मीन के उपयोग का तरीका तय करता है।
- ज़ोनल प्लान (धारा 9)। हर ज़ोन के लिए अलग विस्तृत प्लान बन सकता है। इसमें प्लॉट का बंटवारा, सार्वजनिक काम के लिए आरक्षित ज़मीन, इमारत की ऊंचाई और आबादी का घनत्व तय होता है।
- ड्राफ्ट और आपत्ति (धारा 11)। ड्राफ्ट छपता है और नोटिस में दी गई तारीख़ तक आपत्ति-सुझाव मांगे जाते हैं। स्थानीय निकायों को भी अपनी बात रखने का मौका मिलता है।
- सरकार की मंज़ूरी (धारा 10)। राज्य सरकार प्लान को वैसा ही, बदलाव के साथ मंज़ूर कर सकती है, या नया प्लान बनाने को कह सकती है।
- लागू होना (धारा 12)। मंज़ूरी की सूचना पहली बार छपने की तारीख़ से प्लान लागू होता है। सूचना में लिखा होता है कि प्लान कहां देखा जा सकता है।
- बदलाव (धारा 13)। प्लान में बदलाव से पहले कम से कम एक स्थानीय अख़बार में सूचना छपती है और आपत्तियां मांगी जाती हैं।
- दोहराव (धारा 8)। मास्टर प्लान का नक्शा हर 10 साल के अंत में, या सरकार चाहे तो पहले, संशोधित होना चाहिए।
विकास क्षेत्र घोषित होने के बाद वहां कोई भी निर्माण या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की लिखित अनुमति से ही हो सकता है, और वह मास्टर प्लान के मुताबिक़ होना चाहिए (धारा 14)।1 यही वजह है कि नक्शा पास कराते समय सबसे पहले प्लॉट का भू-उपयोग देखा जाता है।
लखनऊ के मास्टर प्लान: अब तक का सफ़र
| मास्टर प्लान | सरकार की मंज़ूरी |
|---|---|
| मास्टर प्लान (पहला) | 27 जनवरी 19702 |
| मास्टर प्लान 2001 | 14 फ़रवरी 19922 |
| मास्टर प्लान 2021 | 31 मार्च 20052 |
| मास्टर प्लान 2031 | LDA बोर्ड: 24 अक्टूबर 2016; राज्य सरकार: 19 दिसंबर 20162 |
| मास्टर प्लान 2031 (GIS कन्वर्ज़न) | LDA बोर्ड में 22 जून 2022 को पेश; आपत्ति-सुझाव 21 जुलाई से 9 सितंबर 2022 तक, 405 आपत्तियां आईं; दूसरा दौर 12 से 26 दिसंबर 20222 |
लखनऊ का विकास क्षेत्र 11 सितंबर 1974 को 1973 के कानून की धारा 3 के तहत अधिसूचित हुआ था।2 "कन्वर्ज़न" का मतलब है कि 2031 के प्लान को केंद्र की AMRUT योजना के तहत GIS आधारित रूप में बदला गया।2
लखनऊ मास्टर प्लान 2031 के मुख्य आंकड़े
| क्या | आंकड़ा |
|---|---|
| मास्टर प्लान 2031 का कुल क्षेत्र | करीब 1,05,125.40 हेक्टेयर2 |
| इसमें शहरी विकास के लिए प्रस्तावित | 71,220.39 हेक्टेयर2 |
| तुलना: मास्टर प्लान 2021 का क्षेत्र | करीब 60,800 हेक्टेयर, जिसमें 41,380 हेक्टेयर शहरी उपयोग के लिए2 |
| लखनऊ शहरी क्षेत्र की आबादी | 28,80,108 (जनगणना 2011)2 |
| 2031 के लिए अनुमानित आबादी | 65 लाख (LDA का प्लानिंग अनुमान)2 |
2031 का प्लान 2021 वाले प्लान से करीब पौने दो गुना बड़े इलाके को कवर करता है। इसकी वजह है कि 2009 और 2014 में विकास क्षेत्र में नए गांव जोड़े गए। 2014 में आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़े 16 गांव शामिल हुए।2 एक्सप्रेसवे की जानकारी आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पेज पर है।
मास्टर प्लान कहां और कैसे देखें
- LDA की वेबसाइट पर Master Plan Map पेज खोलें। वहां मास्टर प्लान 2031 का नक्शा, कन्वर्ज़न रिपोर्ट और संशोधित कन्वर्ज़न नक्शा PDF में है।3
- उसी पेज पर ज़ोनिंग रेगुलेशन का PDF है। यह बताता है कि किस भू-उपयोग में कौन सी गतिविधि चल सकती है।3
- LDA के GIS पोर्टल (Sector Explorer) पर नक्शे को ज़ूम करके इलाका देख सकते हैं।3
- किसी एक प्लॉट का भू-उपयोग जानने के लिए LDA की ऑनलाइन सेवा Know Your Land Use है।4 इसका पूरा तरीका भू-उपयोग और ज़ोनिंग पेज पर है।
PDF नक्शा बड़ा होता है और उसमें प्लॉट नंबर नहीं होते। इसलिए किसी एक प्लॉट के फ़ैसले के लिए प्राधिकरण से लिखित पुष्टि सबसे भरोसेमंद है।
SCR बनने से क्या बदलेगा
SCR अधिनियम, 2024 की धारा 9 SCR प्राधिकरण को क्षेत्र के विकास प्राधिकरणों के मास्टर प्लान मंज़ूर करने, बदलने और संशोधित करने के वे अधिकार देती है जो पहले राज्य सरकार के पास थे।5 धारा 36 के मुताबिक़ अंतिम रीजनल प्लान छपने के बाद उससे टकराने वाली कोई विकास योजना नहीं बन सकेगी।5
मतलब: लखनऊ का मौजूदा मास्टर प्लान 2031 लागू रहेगा, पर अगला मास्टर प्लान रीजनल प्लान के ढांचे में बनेगा। SCR के बाकी शहरों के विकास प्राधिकरणों पर भी यही लागू होगा। अपने जिले की जानकारी के लिए SCR के जिले देखें।
आपके लिए इसका मतलब
- प्लॉट या मकान खरीदने से पहले: देखें कि ज़मीन मास्टर प्लान में किस उपयोग में है। कानून के मुताबिक़ निर्माण मास्टर प्लान के अनुरूप होना ज़रूरी है, इसलिए पार्क, हरित पट्टी या सड़क के लिए तय ज़मीन पर घर की अनुमति मिलना मुश्किल है।1
- मास्टर प्लान में दिखी प्रस्तावित सड़क: प्लान में सड़क दिखना यह नहीं बताता कि वह कब बनेगी। काम की स्थिति के लिए इंफ्रा ट्रैकर देखें।
- दुकान या क्लिनिक खोलना है: रिहायशी इलाके में हर गतिविधि की छूट नहीं होती। ज़ोनिंग रेगुलेशन में अपनी गतिविधि की शर्त देखें।
- राय देनी है: मास्टर प्लान के ड्राफ्ट या बदलाव पर आपत्ति का मौका कानून देता है। LDA की सूचनाओं और स्थानीय अख़बार पर नज़र रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लखनऊ मास्टर प्लान 2031 का नक्शा कहां मिलेगा?
महायोजना और मास्टर प्लान में क्या फ़र्क है?
क्या मास्टर प्लान में किसी ज़मीन का उपयोग बदला जा सकता है?
मास्टर प्लान कितने साल में बदलता है?
SCR बनने के बाद लखनऊ का मास्टर प्लान कौन मंज़ूर करेगा?
स्रोत
- उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास अधिनियम, 1973 — मूल पाठ (अंग्रेज़ी), India Code
- लखनऊ महायोजना 2031 (कन्वर्ज़न स्वरूप) रिपोर्ट — लखनऊ विकास प्राधिकरण एवं नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, उ.प्र.
- Master Plan Map — लखनऊ विकास प्राधिकरण
- Know Your Land Use — लखनऊ विकास प्राधिकरण का नागरिक पोर्टल
- उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र और अन्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2024 — मूल पाठ, PRS Legislative Research