SCR गाइड

लैंड यूज़ (भू-उपयोग) और ज़ोनिंग — प्लॉट का भू-उपयोग कैसे जांचें

भू-उपयोग बताता है कि मास्टर प्लान में किसी ज़मीन को किस काम के लिए रखा गया है। ज़ोनिंग बताती है कि उस उपयोग वाले इलाके में कौन सी गतिविधि बिना शर्त, शर्त के साथ या बिल्कुल नहीं चल सकती।

जानकारी जांची गई:

भू-उपयोग (लैंड यूज़) वह श्रेणी है जो मास्टर प्लान किसी ज़मीन को देता है: आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, कार्यालय, पार्क, कृषि वगैरह। ज़ोनिंग रेगुलेशन बताते हैं कि हर भू-उपयोग में कौन सी गतिविधि सामान्य रूप से अनुमन्य है, कौन सी शर्त के साथ, कौन सी विशेष अनुमति से और कौन सी प्रतिबंधित।12 प्लॉट खरीदने या नक्शा पास कराने से पहले यही सबसे पहली जांच है।

दो अलग रिकॉर्ड: प्लानिंग और राजस्व

ज़मीन का "उपयोग" दो जगह दर्ज होता है, और दोनों अलग-अलग बातें बताते हैं:

रिकॉर्ड कौन रखता है क्या बताता है
मास्टर प्लान का भू-उपयोग विकास प्राधिकरण (जैसे LDA) ज़मीन पर आगे क्या बन सकता है
खतौनी की श्रेणी राजस्व विभाग (तहसील) ज़मीन का मालिक कौन है और रिकॉर्ड में वह कृषि है या गैर-कृषि

मास्टर प्लान में आवासीय दिखने वाली ज़मीन राजस्व रिकॉर्ड में अब भी कृषि हो सकती है। ऐसी ज़मीन के लिए धारा 80 की घोषणा का सवाल आता है (नीचे देखें)। खतौनी पढ़ने का तरीका खतौनी-खसरा पेज पर है।

लखनऊ में प्लॉट का भू-उपयोग कैसे जांचें

  1. Know Your Land Use सेवा। LDA के नागरिक पोर्टल (registration.ldalucknow.in) पर लॉग-इन करके यह सेवा इस्तेमाल करें।3
  2. मास्टर प्लान 2031 का नक्शा। LDA की वेबसाइट के Master Plan Map पेज पर नक्शा PDF में है।4 नक्शे के रंग अलग-अलग भू-उपयोग दिखाते हैं।
  3. GIS पोर्टल। उसी पेज पर LDA का Sector Explorer पोर्टल है, जहां नक्शे को ज़ूम करके देख सकते हैं।4
  4. अनुमन्य गतिविधियों की सूची। LDA ने "लखनऊ मास्टर प्लान 2031 के विभिन्न भू-उपयोगों में अनुमन्य गतिविधियां" नाम से PDF दिया है।2 अपनी गतिविधि (घर, दुकान, स्कूल, क्लिनिक) उसमें खोजें।
  5. राजस्व रिकॉर्ड। खतौनी में ज़मीन की श्रेणी देखें। SCR के ग्रामीण इलाकों की ज़मीन के लिए यह ख़ास तौर पर ज़रूरी है।
  6. लिखित पुष्टि। बड़े सौदे से पहले प्राधिकरण से लिखित जानकारी लें। PDF नक्शे में प्लॉट नंबर नहीं होते।

LDA क्षेत्र से बाहर, SCR के दूसरे शहरों में उस शहर का विकास प्राधिकरण या नियत प्राधिकारी यही जानकारी देता है।

ज़ोनिंग: अनुमन्य, सशर्त और प्रतिबंधित

LDA के ज़ोनिंग रेगुलेशन में गतिविधियां चार तरह से बंटी हैं: अनुमन्य, शर्त सहित अनुमन्य, विशेष अनुमति से अनुमन्य और प्रतिबंधित।1 कुछ उदाहरण:

भू-उपयोग उदाहरण
आवासीय रोज़मर्रा के सामान की दुकान, जनरल स्टोर और मेडिकल स्टोर/क्लिनिक सामान्य रूप से अनुमन्य; नर्सिंग होम कम से कम 18 मीटर चौड़ी सड़क वाले प्लॉट पर, अधिकतम 30 बेड तक2
कृषि बागवानी, पौधशाला, फ़ार्म हाउस, चारागाह और दुग्धशाला जैसी गतिविधियां सूची में1
पार्क और खुले स्थल बागवानी और पौधशाला जैसी गतिविधियां सूची में2

इन PDF का फ़ॉन्ट पुराना है, इसलिए किसी गतिविधि की शर्त पढ़ते समय प्राधिकरण से मिलान कर लें। हरित पट्टी की अलग जानकारी ग्रीन बेल्ट पेज पर है।

मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज़): 2025 की मॉडल बिल्डिंग बायलॉज़ में 10 लाख से ज़्यादा आबादी (जनगणना 2011) वाले शहरों में 24 मीटर या ज़्यादा चौड़ी सड़क पर, और छोटे शहरों में 18 मीटर या ज़्यादा चौड़ी सड़क पर मिश्रित उपयोग की अनुमति है।5 FAR और ऊंचाई की बात FAR और ग्राउंड कवरेज पेज पर है।

खेती की ज़मीन को गैर-कृषि घोषित कराना: धारा 80

उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 80 के तहत उप-जिलाधिकारी (SDM) खेती की ज़मीन को आवासीय, व्यावसायिक या औद्योगिक उपयोग के लिए घोषित करते हैं।6

  • समय: SDM को आवेदन मिलने के 45 कार्य-दिवसों में फ़ैसला करना होता है।6
  • मास्टर प्लान से टकराव: अगर प्रस्तावित उपयोग मास्टर प्लान से टकराता है, या उससे सार्वजनिक परेशानी हो, तो घोषणा नहीं होगी।6
  • सह-खातेदार: हिस्सा बंटा न हो तो सभी सह-खातेदारों को साथ आवेदन करना होता है।6
  • फ़ीस: फ़ीस की दर राज्य सरकार तय करती है; अपने रहने के घर के लिए फ़ीस नहीं लगती।6 राजस्व विभाग के पोर्टल की सेवा-जानकारी में फ़ीस सर्किल रेट का 2% लिखी है।7 सर्किल रेट कैसे देखें, यह अलग पेज पर है।
  • आवेदन: राजस्व विभाग की सेवा-जानकारी के मुताबिक़ आवेदन निवेश मित्र सिंगल विंडो पोर्टल से होता है। साथ में अद्यतन खतौनी और खसरे की प्रमाणित प्रति, सभी खातेदारों का स्व-घोषणा पत्र और नक्शा लगता है।7

2026 का बदलाव: 8 अप्रैल 2026 से लागू संशोधन के मुताबिक़, अगर विकास प्राधिकरण, औद्योगिक विकास प्राधिकरण या आवास विकास परिषद ने ज़मीन पर भवन निर्माण, विकास या लेआउट की अनुमति दे दी है, तो उसे ही धारा 80 की घोषणा माना जाएगा। राजस्व रिकॉर्ड में 15 दिन के भीतर प्रविष्टि होगी और इस घोषणा पर कोई फ़ीस नहीं लगेगी।8 यह संशोधन पहले अध्यादेश से आया और अगस्त 2026 में विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश हुआ।8

मास्टर प्लान का भू-उपयोग बदलवाना

1973 के कानून की धारा 13 के तहत प्राधिकरण या राज्य सरकार मास्टर प्लान में बदलाव कर सकती है। इससे पहले कम से कम एक स्थानीय अख़बार में सूचना छपती है और आपत्तियां मांगी जाती हैं।9 भू-उपयोग बदलने पर परिवर्तन शुल्क लगता है। इसकी नियमावली का तीसरा संशोधन 22 सितंबर 2026 को अधिसूचित हुआ, जो LDA की वेबसाइट पर है।10

आपके लिए इसका मतलब

  • प्लॉट खरीदने वाले: सिर्फ़ खतौनी देखना काफ़ी नहीं। मास्टर प्लान का भू-उपयोग भी जांचें। "यहां जल्द कमर्शियल हो जाएगा" जैसे दावों पर भरोसा न करें।
  • घर बनाने वाले: नक्शा तभी पास होगा जब प्लॉट का भू-उपयोग उस निर्माण की अनुमति देता हो। प्रक्रिया नक्शा पास पेज पर है।
  • कारोबारी: दुकान, क्लिनिक, स्कूल या गोदाम खोलने से पहले अनुमन्य गतिविधियों की सूची और सड़क की चौड़ाई की शर्त देखें।
  • किसान: SCR का रीजनल प्लान आने पर आपके गांव का प्रस्तावित उपयोग बदल सकता है। ड्राफ्ट पर आपत्ति का मौका मिलेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लखनऊ में किसी प्लॉट का लैंड यूज़ ऑनलाइन कैसे पता करें?
LDA के नागरिक पोर्टल registration.ldalucknow.in पर Know Your Land Use सेवा है। इसके अलावा LDA की वेबसाइट पर मास्टर प्लान 2031 का नक्शा और GIS पोर्टल भी है। सौदे से पहले प्राधिकरण से लिखित पुष्टि लेना बेहतर है।
खतौनी में ज़मीन कृषि लिखी है, पर मास्टर प्लान में आवासीय है। कौन सा सही है?
दोनों अलग रिकॉर्ड हैं। मास्टर प्लान बताता है कि ज़मीन पर क्या बन सकता है; खतौनी राजस्व रिकॉर्ड है। खेती की ज़मीन पर दूसरा काम करने के लिए राजस्व संहिता की धारा 80 के तहत गैर-कृषि घोषणा ज़रूरी होती है।
धारा 80 की घोषणा में कितना समय और फ़ीस लगती है?
कानून के मुताबिक़ उप-जिलाधिकारी (SDM) को 45 कार्य-दिवसों में फ़ैसला करना होता है। राजस्व विभाग की सेवा-जानकारी में फ़ीस सर्किल रेट का 2% बताई गई है; अपने रहने के घर के लिए फ़ीस नहीं लगती। अप्रैल 2026 से, विकास प्राधिकरण से नक्शा या लेआउट पास हो चुका हो तो अलग घोषणा और फ़ीस की ज़रूरत नहीं।
क्या रिहायशी इलाके में दुकान या क्लिनिक खोल सकते हैं?
कुछ गतिविधियां रिहायशी भू-उपयोग में सामान्य रूप से अनुमन्य हैं, जैसे रोज़मर्रा के सामान की दुकान और मेडिकल स्टोर। नर्सिंग होम जैसी गतिविधियां शर्तों के साथ हैं। अपनी गतिविधि LDA की अनुमन्य गतिविधियों वाली सूची में देखें।
मास्टर प्लान में भू-उपयोग बदलवाया जा सकता है?
हां, 1973 के कानून की धारा 13 के तहत। बदलाव से पहले अख़बार में सूचना छपती है और आपत्तियां मांगी जाती हैं। भू-उपयोग बदलने पर परिवर्तन शुल्क भी लगता है, जिसके नियम LDA की वेबसाइट पर हैं।

स्रोत

  1. ज़ोनिंग रेगुलेशन — लखनऊ विकास प्राधिकरण (PDF)
  2. लखनऊ मास्टर प्लान 2031 के विभिन्न भू-उपयोगों में अनुमन्य गतिविधियां — लखनऊ विकास प्राधिकरण (PDF)
  3. Know Your Land Use — लखनऊ विकास प्राधिकरण का नागरिक पोर्टल
  4. Master Plan Map — लखनऊ विकास प्राधिकरण
  5. Model Building Construction and Development Byelaws 2025 — मुख्य विशेषताएं, LDA वेबसाइट पर (PDF)
  6. उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2019 — धारा 80 का नया पाठ, CaseMine
  7. Revenue — Change of Land Use (धारा 80 सेवा-जानकारी) — राजस्व विभाग, उ.प्र.
  8. उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 — PRS Legislative Research; Uttar Pradesh Revenue Code (Amendment) Ordinance, 2026 — TeamLease RegTech
  9. उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास अधिनियम, 1973 — India Code
  10. Rules and By Laws (भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क नियमावली, तृतीय संशोधन 2026 सहित) — लखनऊ विकास प्राधिकरण