SCR गाइड
मकान का नक्शा पास कैसे कराएं: ऑनलाइन प्रक्रिया, दस्तावेज़ और छूट
UP के विकास प्राधिकरणों में अब 100 वर्ग मीटर तक के रिहायशी प्लॉट पर नक्शा पास कराने की ज़रूरत नहीं, सिर्फ़ 1 रुपये में ऑनलाइन पंजीकरण काफ़ी है। इससे बड़े प्लॉट के लिए नक्शा ऑनलाइन पास होता है।
जानकारी जांची गई:
UP के विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में मकान का नक्शा अब ऑनलाइन पास होता है, और छोटे प्लॉट को काफ़ी छूट मिली है। 100 वर्ग मीटर तक के रिहायशी और 30 वर्ग मीटर तक के कमर्शियल प्लॉट पर नक्शा पास कराने की ज़रूरत नहीं। सिर्फ़ 1 रुपये के टोकन के साथ ऑनलाइन पंजीकरण और स्व-घोषणा करनी होती है।12 इससे बड़े प्लॉट पर लाइसेंसशुदा आर्किटेक्ट के ज़रिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है।
नए नियम कहां से आए
प्रदेश सरकार ने विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि और मॉडल ज़ोनिंग रेगुलेशन, 2025 जारी किए हैं। India Code पर इनकी तारीख़ 3 जुलाई 2025 दर्ज है।3 कैबिनेट की मंज़ूरी की ख़बर 4 जुलाई 2025 को आई।4 LDA ने इनकी हिंदी और अंग्रेज़ी प्रति अपनी वेबसाइट पर रखी है।5
ये नियम विकास प्राधिकरण के क्षेत्र पर लागू होते हैं। आपका प्लॉट किस प्राधिकरण में है, यह SCR के विकास प्राधिकरण पेज पर देखें।
किसे क्या करना होगा
बायलॉज़ ने इमारतों को जोखिम के हिसाब से तीन हिस्सों में बांटा है:1
| श्रेणी | किस पर लागू | क्या करना होगा |
|---|---|---|
| कम जोखिम | 100 वर्ग मीटर तक रिहायशी, 30 वर्ग मीटर तक कमर्शियल प्लॉट | सिर्फ़ ऑनलाइन पंजीकरण, 1 रुपये टोकन |
| मध्यम जोखिम | सरकारी एजेंसी की बनाई सड़क पर 300 वर्ग मीटर तक का एकल रिहायशी प्लॉट; मंज़ूर लेआउट में 500 वर्ग मीटर तक रिहायशी और 200 वर्ग मीटर तक कमर्शियल | लाइसेंसशुदा तकनीकी व्यक्ति के प्रमाणन पर भरोसे वाली ऑनलाइन मंज़ूरी |
| ज़्यादा जोखिम | मंज़ूर लेआउट से बाहर 100 वर्ग मीटर से बड़ा रिहायशी या 30 वर्ग मीटर से बड़ा कमर्शियल; लेआउट में इससे बड़े प्लॉट; सभी हाई-राइज़, ग्रुप हाउसिंग और औद्योगिक इमारतें | कॉमन एप्लिकेशन फ़ॉर्म से पूरी जांच वाली मंज़ूरी |
कम जोखिम वाली छूट की शर्तें
- पंजीकरण में मालिकाना हक़, प्लॉट का आकार, मंज़िलें और ऊंचाई ख़ुद घोषित करनी होती है।2
- मास्टर प्लान, ज़ोनल प्लान और बायलॉज़ के सभी नियम मानने होंगे। यानी प्लॉट की ज़मीन मास्टर प्लान में किस उपयोग के लिए है, यह छूट उसे नहीं बदलती।2
- 100 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट को बांटकर यह छूट नहीं ली जा सकती।2
- 50 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर पार्किंग का ब्योरा देना होगा।2
- अनधिकृत लेआउट या कॉलोनी के प्लॉट और मेला क्षेत्र को यह छूट नहीं है।2
- ऐसे मकान के लिए कंप्लीशन सर्टिफ़िकेट की ज़रूरत नहीं।2
ऑनलाइन आवेदन: क़दम-दर-क़दम
- प्राधिकरण पहचानें। देखें कि प्लॉट किस विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में है।
- ज़मीन का उपयोग जांचें। LDA की वेबसाइट पर "Know Your Land Use" सेवा है।6
- आर्किटेक्ट चुनें। नक्शा लाइसेंसशुदा तकनीकी व्यक्ति बनाता है और मालिक के साथ उस पर दस्तख़त करता है। 200 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर दो मंज़िल (7.5 मीटर) तक के रिहायशी नक्शे पंजीकृत सुपरवाइज़र भी बना सकते हैं।17
- पोर्टल पर आवेदन। LDA अपनी वेबसाइट पर भवन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली के लिए map.up.gov.in का लिंक देता है।6
- फ़ीस। परमिट फ़ीस में नक्शा जमा करने और जांच की फ़ीस शामिल है। मांग निकलने के 30 दिन के भीतर पूरी फ़ीस जमा करनी होती है।7
- NOC। जहां मेट्रो, फ़ायर, एयरपोर्ट जैसे विभागों की NOC चाहिए, वहां प्राधिकरण पोर्टल से मांगता है। जवाब न आए, तो 30वें दिन NOC मिली मानी जाती है।2
- फ़ैसला। रिहायशी नक्शे पर 30 दिन में फ़ैसला न हो, तो वह अपने आप स्वीकार माना जाता है। शर्त यह है कि लाइसेंसशुदा तकनीकी व्यक्ति ने मास्टर प्लान और बायलॉज़ के पालन का प्रमाण दिया हो और ज़रूरी NOC मिल चुकी हों। लीज़ की शर्तों या किसी कानून के ख़िलाफ़ निर्माण इस नियम से भी जायज़ नहीं होता।7
- निर्माण और कंप्लीशन। परमिट पांच साल तक मान्य है। इसी दौरान कंप्लीशन सर्टिफ़िकेट लेना होता है। सर्टिफ़िकेट से पहले इमारत का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।17
ज़रूरी दस्तावेज़
बायलॉज़ में मालिकाना हक़ के लिए ये कागज़ गिनाए गए हैं:2
- लीज़ डीड या सेल डीड, घोषणा-पत्र और साइट प्लान के साथ
- प्राधिकरण की योजना में प्लॉट हो तो पज़ेशन लेटर
- लीज़ डीड न बनी हो, तो प्राधिकरण या लीज़ देने वाले की NOC
- नज़ूल या इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की ज़मीन पर फ़्रीहोल्ड डीड या संबंधित विभाग की NOC
- मास्टर प्लान में सड़क चौड़ी होनी हो, तो ज़मीन देने का शपथ-पत्र
इनके साथ की प्लान, साइट प्लान, बिल्डिंग प्लान और ज़रूरत हो तो फ़ायर व सर्विस प्लान लगते हैं।7 लीज़ और फ़्रीहोल्ड का फ़र्क इस पेज पर समझें।
कितना बना सकते हैं
नक्शा पास होने का मतलब यह नहीं कि जितना चाहें उतना बना लें। कितनी मंज़िल और कितना कवर्ड एरिया बनेगा, यह FAR और ग्राउंड कवरेज से तय होता है। इसे FAR और ग्राउंड कवरेज वाले पेज पर समझें। प्लॉट का नाप वर्ग फ़ुट या गज़ में हो, तो एरिया कन्वर्टर से वर्ग मीटर निकालें।
आपके लिए इसका मतलब
- छोटा प्लॉट: 100 वर्ग मीटर तक के रिहायशी प्लॉट पर नक्शे का चक्कर ख़त्म है, पर ऑनलाइन पंजीकरण न छोड़ें। यही आपका सबूत है।
- कॉलोनी का प्लॉट ख़रीदने से पहले: देखें कि लेआउट मंज़ूर है या नहीं। अनधिकृत कॉलोनी में छूट नहीं मिलती। बड़ी प्लॉटेड कॉलोनी का RERA पंजीकरण भी जांचें।
- घर से काम: डॉक्टर, वकील, आर्किटेक्ट जैसे पेशेवर घर के 25% हिस्से तक में दफ़्तर चला सकते हैं, बशर्ते पार्किंग पर्याप्त हो।14
- आगे बदलाव: आवास विभाग नक्शा मंज़ूरी के लिए FASTPAS नाम की नई प्रणाली पर काम कर रहा था (नवंबर 2025 की रिपोर्ट)।8 आवेदन से पहले प्राधिकरण की वेबसाइट पर मौजूदा पोर्टल देख लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या 100 वर्ग मीटर के प्लॉट पर मकान बनाने के लिए नक्शा पास कराना ज़रूरी है?
नक्शा पास होने में कितना समय लगता है?
पास नक्शा कितने समय तक मान्य रहता है?
लखनऊ में नक्शे का ऑनलाइन आवेदन कहां होता है?
क्या घर के एक हिस्से में क्लिनिक या दफ़्तर खोल सकते हैं?
स्रोत
- UP Model Building Bye-Laws 2025 — Key Features (Chapter Overview), LDA वेबसाइट
- UP Model Building Construction and Development Bye-laws 2025 (अंग्रेज़ी), खंड 2.1.2 और 2.2.3 — LDA वेबसाइट
- उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम के तहत नियम और उपविधियां — India Code
- UP में घरों में दुकान खोलने की छूट, कैबिनेट की मंज़ूरी — आजतक, 4 जुलाई 2025
- निर्माण एवं विकास उपविधि — लखनऊ विकास प्राधिकरण
- लखनऊ विकास प्राधिकरण — आधिकारिक वेबसाइट (नागरिक सेवाएं), 20 अक्टूबर 2026 को देखा
- UP Model Building Bye-laws 2025, खंड 2.3–2.7 (परमिट प्रक्रिया, फ़ीस, वैधता) — LDA वेबसाइट
- Uttar Pradesh introduces FASTPAS to improve and speed up building plan approvals — PropNewsTime, नवंबर 2025