SCR गाइड

UP RERA पर प्रोजेक्ट और एजेंट का पंजीकरण कैसे जांचें, शिकायत कैसे करें

UP RERA की वेबसाइट up-rera.in पर किसी भी पंजीकृत प्रोजेक्ट और प्रॉपर्टी एजेंट की जानकारी मुफ़्त में देखी जा सकती है। बिल्डर से शिकायत भी यहीं ऑनलाइन दर्ज होती है।

जानकारी जांची गई:

फ़्लैट, विला या प्लॉट वाले किसी प्रोजेक्ट में पैसा लगाने से पहले सबसे पहला काम है उसका UP RERA पंजीकरण देखना। यह up-rera.in पर मुफ़्त में होता है। वहीं प्रॉपर्टी एजेंट का पंजीकरण भी दिखता है, और बिल्डर के ख़िलाफ़ शिकायत भी ऑनलाइन दर्ज होती है।1

किस प्रोजेक्ट का पंजीकरण ज़रूरी है

रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, 2016 की धारा 3 के मुताबिक़ बिक्री के लिए बने ज़्यादातर प्रोजेक्ट का पंजीकरण ज़रूरी है। छूट सिर्फ़ इन मामलों में है:2

स्थिति पंजीकरण
प्रोजेक्ट की ज़मीन 500 वर्ग मीटर तक, या सभी चरण मिलाकर 8 अपार्टमेंट तक ज़रूरी नहीं (सरकार यह सीमा घटा सकती है)
कानून लागू होने से पहले कंप्लीशन सर्टिफ़िकेट मिल चुका हो ज़रूरी नहीं
सिर्फ़ मरम्मत या री-डेवलपमेंट, जिसमें नई बिक्री या विज्ञापन न हो ज़रूरी नहीं
बाकी सभी प्रोजेक्ट ज़रूरी; हर चरण का अलग पंजीकरण

प्लॉट वाली कॉलोनी भी इसमें आती है। अगर कोई प्लॉटेड कॉलोनी 500 वर्ग मीटर से बड़ी है और उसके प्लॉट बेचे जा रहे हैं, तो उसका पंजीकरण देखें।

कानून की धारा 9 एजेंट पर भी लागू होती है। पंजीकृत प्रोजेक्ट में प्लॉट, फ़्लैट या इमारत की ख़रीद-बिक्री में वही एजेंट मदद कर सकता है, जिसका ख़ुद RERA में पंजीकरण हो।3

प्रोजेक्ट का पंजीकरण कैसे जांचें

  1. up-rera.in खोलें। होम पेज पर Important Links में Registered Projects चुनें।1
  2. प्रोजेक्ट का नाम, पंजीकरण नंबर या प्रमोटर (बिल्डर) का नाम डालें, कैप्चा भरें और सर्च करें।4
  3. नतीजे में प्रोजेक्ट खोलें। देखें कि नाम, जगह और बिल्डर वही हैं जो ब्रोशर में लिखे हैं।
  4. प्रोजेक्ट के दस्तावेज़ देखें: ज़मीन के कागज़, मंज़ूर लेआउट और नक्शा, शुरू होने और पूरा होने की तारीख़, बैंक खाते, सह-प्रमोटर, पंजीकृत एजेंट, तिमाही प्रगति रिपोर्ट (QPR), और कब्ज़ा या कंप्लीशन सर्टिफ़िकेट।5
  5. अगर ब्रोशर पर QR कोड है, तो उसे फ़ोन से स्कैन करें। 18 जुलाई 2024 के UP RERA आदेश के बाद हर नए प्रोजेक्ट का अपना QR कोड है, जो सीधे पोर्टल पर उसके ब्योरे तक ले जाता है।5

एजेंट के लिए यही तरीक़ा Registered Agent वाले विकल्प से अपनाएं।1

पंजीकरण मिल जाए, तब भी क्या देखें

  • पूरा होने की तारीख़। पोर्टल पर दर्ज तारीख़ और बिल्डर की बताई तारीख़ का मिलान करें।
  • तिमाही रिपोर्ट। QPR से पता चलता है कि काम कितना आगे बढ़ा है।
  • मंज़ूर नक्शा। ब्रोशर में दिखाई सुविधाएं मंज़ूर लेआउट में हैं या नहीं। नक्शे की मंज़ूरी कैसे होती है, यह नक्शा पास कराने वाले पेज पर है।
  • ज़मीन का इस्तेमाल। प्रोजेक्ट की ज़मीन मास्टर प्लान में किस उपयोग के लिए है, यह भी जांचें।

बिल्डर से शिकायत कैसे करें

UP RERA ने दिसंबर 2023 में शिकायत दर्ज करने, जांच और सुनवाई की नई प्रक्रिया (SOP) जारी की। अब पूरा काम ई-कोर्ट सिस्टम से ऑनलाइन होता है।6

  1. पोर्टल के Complaints हिस्से में Register Complaint पर जाकर अपनी प्रोफ़ाइल बनाएं। इसमें ईमेल और मोबाइल नंबर ज़रूरी है।16
  2. डैशबोर्ड पर तय करें कि शिकायत किसके पास जाएगी: RERA, अधिनिर्णायक अधिकारी (मुआवज़े के मामलों में), या सुलह फ़ोरम (Conciliation)।6
  3. पहले सुलह का विकल्प मिलता है। उसे न चुनें, तो बताना होता है कि इसी मामले में RERA, उपभोक्ता फ़ोरम या NCLT में पहले कोई केस है या नहीं।6
  4. अलॉटमेंट लेटर, बिल्डर-बायर एग्रीमेंट और भुगतान की रसीदें PDF में अपलोड करें। वकील या प्रतिनिधि शिकायत कर रहा हो, तो वकालतनामा या पावर ऑफ़ अटॉर्नी भी लगाएं।6
  5. फ़ॉर्म जांचकर फ़ीस ऑनलाइन जमा करें। रिपोर्टों के मुताबिक़ यह 1,000 रुपये है।67 इसके बाद शिकायत नंबर मिलता है।
  6. शिकायत और संलग्न कागज़ डाउनलोड करें। ख़ुद सत्यापित हार्ड कॉपी UP RERA के लखनऊ या NCR (ग्रेटर नोएडा) दफ़्तर में जमा करें, जो आपके मामले पर लागू हो।6
  7. स्थिति Complaint Status पर देखें। शिकायत नंबर भूल जाएं, तो Get Complaint Number से दोबारा पाएं।1

RERA या अधिनिर्णायक अधिकारी के आदेश से असहमति हो, तो आदेश की कॉपी मिलने के 60 दिन के भीतर रियल एस्टेट अपीलीय ट्रिब्यूनल में अपील हो सकती है।8

UP RERA की हेल्पलाइन सोमवार से शनिवार, सुबह 9:30 से शाम 6:30 बजे तक चलती है। लखनऊ और NCR दफ़्तर के नंबर पोर्टल के Contact Us पेज पर हैं।1

SCR में यह क्यों ज़रूरी है

लखनऊ SCR के छहों जिलों में नई कॉलोनियां और प्रोजेक्ट आ रहे हैं। SCR का अभी सिर्फ़ बेस मैप बना है, रीजनल प्लान नहीं। ऐसे में "SCR प्रोजेक्ट" या "SCR के पास" जैसे विज्ञापन सरकारी मंज़ूरी का सबूत नहीं हैं। सबूत वही है जो RERA पोर्टल और विकास प्राधिकरण के रिकॉर्ड में दर्ज है। आपके इलाके का प्राधिकरण कौन है, यह SCR के विकास प्राधिकरण पेज पर देखें।

आपके लिए इसका मतलब

  • बुकिंग से पहले: RERA नंबर लिखवाकर लें और ख़ुद पोर्टल पर मिलाएं। QR कोड स्कैन करें।
  • एजेंट से सौदा: एजेंट का भी RERA पंजीकरण देखें।
  • क़र्ज़ लेने से पहले: EMI कैलकुलेटर से किस्त का हिसाब लगाएं, और रजिस्ट्री का ख़र्च स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर से।
  • दिक़्क़त हो तो: सारे भुगतान की रसीदें और एग्रीमेंट संभालकर रखें। शिकायत में यही काम आते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या हर प्रोजेक्ट का RERA में पंजीकरण ज़रूरी है?
नहीं। RERA कानून की धारा 3(2) के मुताबिक़ जिस प्रोजेक्ट की ज़मीन 500 वर्ग मीटर से ज़्यादा न हो, या सभी चरण मिलाकर 8 से ज़्यादा अपार्टमेंट न हों, उसे छूट है। राज्य सरकार यह सीमा घटा सकती है। बाकी प्रोजेक्ट का हर चरण अलग प्रोजेक्ट माना जाता है।
प्रॉपर्टी डीलर का RERA नंबर कैसे जांचें?
up-rera.in पर Important Links में Registered Agent का विकल्प है। वहां एजेंट का नाम या पंजीकरण नंबर डालकर देखें। पंजीकृत प्रोजेक्ट की ख़रीद-बिक्री में बिना पंजीकरण वाला एजेंट मदद नहीं कर सकता।
UP RERA में शिकायत की फ़ीस कितनी है?
UP RERA की प्रक्रिया पर छपी रिपोर्टों के मुताबिक़ शिकायत की फ़ीस 1,000 रुपये है, जो ऑनलाइन जमा होती है। फ़ीस बदल सकती है, इसलिए शिकायत भरते समय पोर्टल पर दिखी रक़म ही अंतिम मानें।
RERA के आदेश से संतुष्ट न हों तो क्या करें?
RERA या उसके अधिनिर्णायक अधिकारी (Adjudicating Officer) के आदेश के ख़िलाफ़ रियल एस्टेट अपीलीय ट्रिब्यूनल में अपील हो सकती है। आदेश की कॉपी मिलने के 60 दिन के भीतर अपील करनी होती है। ठोस वजह हो तो ट्रिब्यूनल देरी माफ़ कर सकता है।
बिल्डर के विज्ञापन में QR कोड क्यों होता है?
जुलाई 2024 से UP RERA ने हर नए प्रोजेक्ट को एक QR कोड देना शुरू किया। बिल्डर को इसे ब्रोशर, विज्ञापन, बुकिंग फ़ॉर्म, अलॉटमेंट लेटर और एग्रीमेंट पर छापना होता है। इसे स्कैन करते ही RERA पोर्टल पर उस प्रोजेक्ट का पूरा ब्योरा खुल जाता है।