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IGRS UP पर प्रॉपर्टी रजिस्ट्री की प्रक्रिया — दस्तावेज़, स्लॉट और दिन का काम

उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्री का आवेदन IGRS UP पोर्टल पर ऑनलाइन होता है, पर बयान, फ़ोटो और अंगूठे का निशान उप-निबंधक कार्यालय में जाकर देना होता है। सभी विक्रेता-क्रेता और पहचान करने वाले दो गवाह मौजूद रहते हैं।

जानकारी जांची गई:

उत्तर प्रदेश में संपत्ति की रजिस्ट्री के तीन हिस्से हैं: IGRS UP पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन, स्टांप ड्यूटी का भुगतान, और तय समय पर उप-निबंधक कार्यालय में हाज़िरी।12 कार्यालय में सभी निष्पादक (विक्रेता) और उनकी पहचान करने वाले दो गवाह मौजूद रहते हैं।3 दोपहर 12 बजे तक पेश दस्तावेज़ उसी दिन लौटा दिया जाता है।4

रजिस्ट्री से पहले: ये जांच ख़ुद करें

स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग साफ़ कहता है कि विक्रेता के मालिकाना हक़ में गड़बड़ी के लिए विभाग ज़िम्मेदार नहीं है। ये सावधानियां ख़रीदार को ख़ुद बरतनी हैं:5

  1. खेती की ज़मीन हो तो विक्रेता से खतौनी की नकल लें और तहसील के रिकॉर्ड से मिलाएं।
  2. शहरी या अर्ध-शहरी संपत्ति हो तो नगर निगम, नगर पालिका या नगर पंचायत, या तहसील से मालिकाना हक़ की जानकारी लें।
  3. विक्रेता को संपत्ति किसी बैनामे या कोर्ट के आदेश से मिली हो, तो उसकी प्रति लेकर संबंधित दफ़्तर से मिलाएं।
  4. मौके पर जाकर संपत्ति पहचानें; पड़ोसियों से पूछें, राजस्व नक्शा या कॉलोनी का लेआउट देखें।
  5. विक्रेता की पहचान ख़ुद पक्की करें।
  6. उप-निबंधक कार्यालय से फ़ीस देकर संपत्ति के पिछले सौदों और भार (बंधक आदि) का ब्योरा लें।

IGRS पर भारमुक्त प्रमाणपत्र / बारह साला के लिए ऑनलाइन आवेदन और निषेधित संपत्तियां की सूची भी है।1 नए प्रोजेक्ट में फ़्लैट या प्लॉट हो तो RERA पंजीकरण भी जांचें।

रजिस्ट्री का तरीका: क़दम-दर-क़दम

  1. IGRS पर पंजीकरण और आवेदन। igrsup.gov.in पर "नागरिक ऑनलाइन सेवाएं" में सम्पत्ति पंजीकरण → आवेदन करें चुनें। संपत्ति का फ़ॉर्म भरें। विभाग कोई कमी बताए तो सुधारें।12 औद्योगिक संपत्ति का आवेदन निवेश मित्र से होता है।1
  2. ड्यूटी और फ़ीस का हिसाब। IGRS के स्टाम्प-निबन्धन शुल्क कैलकुलेटर से रक़म निकालें।1 दरें स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री फ़ीस पेज पर हैं; मूल्य सर्किल रेट से कम नहीं माना जाएगा।
  3. ई-स्टांप लें। स्टांप ड्यूटी ई-स्टांप से दी जा सकती है। IGRS पर जिलेवार अधिकृत संग्रह केंद्रों की सूची है।1
  4. दस्तावेज़ (बैनामा) तैयार करें। IGRS पर आवासीय, कृषि, व्यावसायिक और औद्योगिक बिक्री के मॉडल बैनामे हैं। आप अपना दस्तावेज़ ख़ुद भी बना सकते हैं।16
  5. स्लॉट चुनें। आवेदन में जनपद, तहसील और कार्यालय चुनकर तय समय का स्लॉट लें, और उसी समय कार्यालय पहुंचें।6
  6. कार्यालय में। दस्तावेज़ पक्षकार ख़ुद पेश करते हैं। रजिस्ट्रेशन फ़ीस जमा होती है और रसीद मिलती है। निष्पादकों से दस्तावेज़ के निष्पादन और संपत्ति के हस्तांतरण पर बयान लिया जाता है। गवाह पहचान का बयान देते हैं।3
  7. फ़ोटो और अंगूठा। कंप्यूटर सिस्टम निष्पादकों और गवाहों की फ़ोटो और अंगूठे का निशान लेता है।3
  8. पृष्ठांकन और मुहर। उप-निबंधक ज़रूरी पृष्ठांकन छपवाते हैं, पक्षकार और उप-निबंधक दस्तख़त करते हैं, और हर पन्ने के पीछे कार्यालय की मुहर लगती है।3
  9. दस्तावेज़ वापस। पंजीकरण रसीद दिखाकर बैनामा लें। रजिस्ट्री का दस्तावेज़ पोर्टल से डाउनलोड भी किया जा सकता है।24

दस्तावेज़ जिस क्रम में पेश होते हैं, उसी क्रम में रजिस्टर होते हैं।3 रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 के तहत निष्पादन के चार महीने के भीतर रजिस्ट्री कराई जा सकती है।6

ज़रूरी दस्तावेज़

किस मामले में क्या चाहिए
हर दस्तावेज़ हाल की पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो (2), फ़ोटो पहचान पत्र, निवास प्रमाण7
हर संपत्ति हस्तांतरण संपत्ति तक पहुंचने का संक्षिप्त नक्शा (रूट चार्ट)7
₹10 लाख या ज़्यादा की संपत्ति PAN कार्ड की प्रति या फ़ॉर्म 60/617
खेती की ज़मीन खसरा और खतौनी की प्रति; 200 मीटर दायरे का राजस्व नक्शा7
अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्ति द्वारा बिक्री जिलाधिकारी का अनुमति प्रमाणपत्र7
शहरी या अर्ध-शहरी संपत्ति संपत्ति का साइट प्लान7
शहर में बनी इमारत इमारत की फ़ोटो और हर मंज़िल के निर्माण का नक्शा7
पूर्व सैनिक या दिव्यांग के पक्ष में छूट का दावा नियम के तहत जारी प्रमाणपत्र7

समय-सीमा (सिटिज़न चार्टर)

सेवा समय
रजिस्टर्ड दस्तावेज़ की वापसी दोपहर 12 बजे तक पेश: उसी दिन शाम 4 बजे तक; बाद में: अगले कार्य-दिवस4
प्रमाणित प्रति (सामान्य आवेदन) 7वें कार्य-दिवस, शाम 4 से 5 बजे4
भारमुक्त प्रमाणपत्र (सामान्य आवेदन) 7वें कार्य-दिवस, शाम 4 से 5 बजे4
ई-स्टांप की वापसी (रिफ़ंड) आवेदन से 30 दिन4

जन सेवा केंद्र और CSC से भी संपत्ति पंजीकरण और भारमुक्त प्रमाणपत्र के आवेदन किए जा सकते हैं; वहां सेवा शुल्क लगता है।8 मदद के लिए IGRS हेल्पलाइन 1800 180 1476 है।1

SCR में आपका कार्यालय

लखनऊ समेत SCR के हर जिले में कई उप-निबंधक कार्यालय हैं, और हर इलाका किसी एक कार्यालय से जुड़ा है। IGRS पर अपना कार्यालय जानें से जनपद, तहसील और इलाका चुनकर कार्यालय पता करें।1 जिलों की जानकारी SCR के जिले पेज पर है।

आपके लिए इसका मतलब

  • पहली बार खरीदार: दस्तावेज़ों की सूची पहले से पूरी रखें। PAN न हो तो ₹10 लाख से ऊपर के सौदे में फ़ॉर्म 60/61 लगेगा।
  • गवाह ऐसे लोग चुनें जो विक्रेता को पहचानते हों और पहचान पत्र साथ लाएं।
  • रजिस्ट्री के बाद खतौनी या नगर निगम के रिकॉर्ड में नाम चढ़वाने का काम अलग है। इसे टालें नहीं; तरीका दाखिल-खारिज पेज पर है।
  • ख़र्च का अनुमान स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर से पहले लगा लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या रजिस्ट्री पूरी तरह ऑनलाइन हो सकती है?
नहीं। आवेदन और समय (स्लॉट) ऑनलाइन चुना जाता है, पर पक्षकारों के बयान, फ़ोटो और अंगूठे का निशान उप-निबंधक कार्यालय में ही लिए जाते हैं।
रजिस्ट्री में कितने गवाह चाहिए?
दो गवाह, जो विक्रेता (निष्पादक) की पहचान कर सकें। वे उप-निबंधक के सामने पहचान का बयान देते हैं, और उनकी फ़ोटो और अंगूठे का निशान भी लिया जाता है।
रजिस्ट्री के बाद बैनामा कब वापस मिलता है?
उत्तर प्रदेश जनहित गारंटी अधिनियम 2011 के तहत एक दिन। दोपहर 12 बजे तक पेश दस्तावेज़ उसी दिन शाम 4 बजे तक, और उसके बाद पेश दस्तावेज़ अगले कार्य-दिवस में लौटाए जाते हैं।
स्लॉट छूट जाए तो क्या करें?
IGRS के FAQ के मुताबिक़ आप दूसरा स्लॉट चुन सकते हैं, या कार्यालय के समय में जाकर सामान्य तरीके से रजिस्ट्री करा सकते हैं।
दस्तावेज़ पर दस्तख़त के कितने दिन के भीतर रजिस्ट्री ज़रूरी है?
IGRS के FAQ के मुताबिक़ रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 के तहत निष्पादन के चार महीने के भीतर रजिस्ट्री कराई जा सकती है।
रजिस्ट्री होते ही ज़मीन मेरे नाम हो जाती है?
बैनामा रजिस्टर होने से सौदा पक्का होता है, पर राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी) में नाम चढ़ाने के लिए दाखिल-खारिज अलग प्रक्रिया है।

स्रोत

  1. IGRS उत्तर प्रदेश — मुख पृष्ठ (नागरिक ऑनलाइन सेवाएं, मॉडल लेखपत्र, हेल्पलाइन)
  2. सम्पत्ति पंजीकरण का प्रक्रिया प्रवाह (Process Flow) — स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, उ.प्र. (PDF)
  3. लेखपत्र रजिस्ट्री की प्रक्रिया — स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, उ.प्र. (PDF)
  4. नागरिक सेवायें एवं सेवाओं की समयावधि (सिटिज़न चार्टर) — स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, उ.प्र. (PDF)
  5. लेखपत्र पंजीकरण के पूर्व सामान्य सावधानियां — स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, उ.प्र. (PDF)
  6. सम्पत्ति पंजीकरण एवं विवाह पंजीकरण — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ), IGRS उ.प्र. (PDF)
  7. विलेख पंजीकरण के समय उप निबन्धक कार्यालय में प्रस्तुत किए जाने वाले अभिलेख — स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, उ.प्र. (PDF)
  8. स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की सेवाएं ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल से — शासनादेश, IGRS (PDF)