SCR गाइड

NCR और लखनऊ SCR में फ़र्क: कानून, क्षेत्रफल, जिले और प्राधिकरण

NCR दिल्ली के आसपास चार राज्यों में फैला है और संसद के 1985 के कानून से बने NCR प्लानिंग बोर्ड के तहत आता है। लखनऊ SCR पूरी तरह उत्तर प्रदेश के भीतर है और राज्य के 2024 के कानून से बना प्राधिकरण इसे चलाता है।

जानकारी जांची गई:

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) दिल्ली के आसपास चार राज्यों और केंद्र शासित दिल्ली में फैला है। इसकी प्लानिंग संसद के 1985 के कानून से बना NCR प्लानिंग बोर्ड करता है।1 लखनऊ स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) पूरी तरह उत्तर प्रदेश के भीतर है। इसे राज्य का 2024 का कानून और उसके तहत बना प्राधिकरण चलाता है।2 SCR की बुनियादी जानकारी SCR क्या है पेज पर है; यहां सिर्फ़ दोनों का फ़र्क है।

एक नज़र में तुलना

बात दिल्ली NCR लखनऊ SCR
कानून NCR प्लानिंग बोर्ड अधिनियम, 1985 (संसद)13 उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र और अन्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2024 (राज्य)2
शुरुआत कानून और बोर्ड, दोनों 1985 में1 विधानसभा से विधेयक 31 जुलाई 2024 को पास4
किसके इलाके दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान5 सिर्फ़ उत्तर प्रदेश
क्षेत्रफल करीब 55,083 वर्ग किमी5 27,826 वर्ग किमी (2024 का विधेयक); करीब 26,741 वर्ग किमी (2026 का बेस मैप)410
UP के जिले 8: मेरठ, गाज़ियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, बाग़पत, हापुड़, शामली, मुज़फ़्फ़रनगर5 6: लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी4
प्लानिंग संस्था NCR प्लानिंग बोर्ड, केंद्र के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तहत6 UP स्टेट कैपिटल रीजन विकास प्राधिकरण, मुख्यालय लखनऊ2
अध्यक्ष केंद्र के आवास एवं शहरी कार्य मंत्री7 मुख्यमंत्री; उपाध्यक्ष मुख्य सचिव2
रीजनल प्लान रीजनल प्लान 2021, 17 सितंबर 2005 को अधिसूचित8 बेस मैप सितंबर 2026 में मंज़ूर; रीजनल प्लान बनना बाकी; LDA 2051 तक का GIS प्लान बना रहा है1011

सबसे बड़ा फ़र्क: अधिकार किसके पास

NCR में बोर्ड पूरे क्षेत्र का रीजनल प्लान बनाता है, पर ज़मीन के उपयोग की बारीक योजना राज्य बनाते हैं। NCR के रीजनल प्लान 2021 के मुताबिक़ ज़मीन के अलग-अलग उपयोग का ब्योरा राज्यों के सब-रीजनल प्लान और मास्टर प्लान में तय होता है, जो रीजनल प्लान के ढांचे के भीतर बनते हैं।9 बोर्ड में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सदस्य हैं।7

SCR में एक ही राज्य है, इसलिए प्राधिकरण के पास ज़्यादा सीधे अधिकार हैं:2

  • क्षेत्र के विकास प्राधिकरणों के लिए सरकार वाले अधिकार, जैसे विकास क्षेत्र घोषित करना और मास्टर प्लान मंज़ूर करना या बदलना (धारा 9)।
  • स्थानीय निकायों और विकास प्राधिकरणों को निर्देश देना।
  • अंतिम रीजनल प्लान छपने के बाद उससे टकराने वाली कोई विकास योजना नहीं बन सकती (धारा 36)।
  • प्रोजेक्ट के लिए ज़मीन 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत ली जा सकती है, और प्राधिकरण लैंड बैंक चलाएगा (धारा 30–31)।

SCR में कौन-कौन से विकास प्राधिकरण हैं और वे क्या करते हैं, यह SCR के विकास प्राधिकरण पेज पर है। प्राधिकरण अंदर से कैसे काम करता है, यह इस लेख में है।

NCR से SCR क्या सीख सकता है

NCR 1985 से चल रहा है, और उसका दायरा समय के साथ बदला। बोर्ड की वेबसाइट पर हरियाणा, राजस्थान और UP के नए जिले जोड़ने की कई अधिसूचनाएं दर्ज हैं: 2004, 2013, 2015 और 2018 (शामली) में।3 यानी क्षेत्र की सीमा पत्थर की लकीर नहीं होती। SCR कानून में भी सरकार को अधिसूचना से क्षेत्र बदलने, जोड़ने या नए क्षेत्र बनाने का अधिकार है।2

दूसरी सीख प्लान की है। NCR बोर्ड की वेबसाइट पर रीजनल प्लान 2021 का पूरा पाठ है, और RP-2041 के घटक क्षेत्रों का नक्शा भी।68 SCR का रीजनल प्लान अभी बनना है। उसका पहला क़दम बेस मैप था, और आगे का रास्ता रीजनल प्लान पेज पर समझाया गया है।

आपके लिए इसका मतलब

  • "NCR जैसा विकास" वाले दावे: NCR को बने चार दशक हो चुके हैं। SCR का अभी रीजनल प्लान भी नहीं बना। किसी इलाके के बारे में ऐसे दावे पर फ़ैसला न लें; मास्टर प्लान और रीजनल प्लान में दर्ज बातें ही मानें।
  • आपकी आवाज़: SCR कानून में ड्राफ्ट रीजनल प्लान पर आम लोगों से आपत्ति-सुझाव लेने का प्रावधान है। ड्राफ्ट आने पर अपने गांव या मोहल्ले का प्रस्तावित उपयोग ज़रूर देखें।
  • ज़मीन का नाप और ख़र्च: ज़मीन के सौदे से पहले नाप एरिया कन्वर्टर से और स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर से समझें।
  • जिलेवार जानकारी: छहों जिलों के पेज SCR के 6 जिले पर हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या लखनऊ SCR दिल्ली NCR जैसा ही है?
विचार एक जैसा है, यानी कई जिलों की प्लानिंग एक साथ। पर NCR केंद्र के कानून से बना है और चार राज्यों में फैला है, जबकि SCR उत्तर प्रदेश के अपने कानून से बना है और सिर्फ़ छह जिलों का है। SCR का प्राधिकरण ज़्यादा सीधे अधिकार रखता है, जैसे विकास प्राधिकरणों के मास्टर प्लान पर सरकार वाले अधिकार।
NCR में उत्तर प्रदेश के कौन-से जिले हैं?
NCR प्लानिंग बोर्ड के मुताबिक़ UP के आठ जिले: मेरठ, गाज़ियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, बाग़पत, हापुड़, शामली और मुज़फ़्फ़रनगर।
NCR और SCR में कौन बड़ा है?
NCR करीब 55,083 वर्ग किमी का है। लखनऊ SCR जुलाई 2024 में विधानसभा से पास विधेयक के मुताबिक़ 27,826 वर्ग किमी का है, यानी NCR का लगभग आधा। सितंबर 2026 के GIS बेस मैप में SCR का क्षेत्रफल करीब 26,741 वर्ग किमी आया है।
क्या UP में और भी SCR जैसे क्षेत्र बन सकते हैं?
हां, कानून इसकी इजाज़त देता है। अधिनियम का नाम ही ‘राज्य राजधानी क्षेत्र और अन्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम’ है, और सरकार अधिसूचना से दूसरे क्षेत्र भी बना सकती है।
NCR में प्लानिंग बोर्ड का अध्यक्ष कौन होता है?
NCR प्लानिंग बोर्ड की वेबसाइट के मुताबिक़ इसके अध्यक्ष केंद्र के आवास एवं शहरी कार्य मंत्री होते हैं। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री इसके सदस्य हैं।