तहसील

उन्नाव सदर तहसील — आबादी, शहर, रेल, उद्योग और कॉलेज

उन्नाव सदर जिले की सबसे ज़्यादा आबादी वाली तहसील है। जिला मुख्यालय, गंगा पार कानपुर से सटा गंगाघाट (शुक्लागंज) और उन्नाव जंक्शन, तीनों इसी में हैं।

जानकारी जांची गई:

उन्नाव सदर तहसील की आबादी जनगणना 2011 में 8,76,918 थी और क्षेत्रफल 1,000.75 वर्ग किमी।12 इसमें 298 गांव और 5 कस्बे-शहर हैं।1 जिला मुख्यालय उन्नाव शहर इसी तहसील में है। यह उन्नाव जिले की सबसे घनी आबादी वाली तहसील है।

एक नज़र में (जनगणना 2011)

क्या जानकारी
आबादी 8,76,918 (पुरुष 4,62,038; महिला 4,14,880)
क्षेत्रफल 1,000.75 वर्ग किमी
घनत्व 876 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
लिंगानुपात 898 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष
बच्चों (0–6 साल) का लिंगानुपात 904
साक्षरता 70.7% (पुरुष 77.57%, महिला 63.04%)
परिवार 1,72,228
गांव 298
कस्बे-शहर 5

स्रोत: जनगणना 2011 के तहसीलवार आंकड़े।1 आबादी का आंकड़ा दूसरे स्रोत से भी मेल खाता है।2

साक्षरता में सदर तहसील जिले के औसत (66.37%) से आगे है।1 सिर्फ़ बीघापुर इससे ऊपर है।

शहर और नगर निकाय

जनगणना 2011 के समय तहसील में तीन नगर निकाय थे:3

नगर निकाय किस्म आबादी (2011)
उन्नाव नगर पालिका परिषद 1,77,658
गंगाघाट (शुक्लागंज) नगर पालिका परिषद 84,072
अचलगंज नगर पंचायत 7,748

उन्नाव शहर जिले का प्रशासनिक केंद्र है। जिले की वेबसाइट के मुताबिक़ नाम राजा उनवंत सिंह के नाम पर पड़ा, जिन्होंने यहां किला बनवाया था।4

गंगाघाट गंगा के उस पार कानपुर से सटा है। इसे शुक्लागंज भी कहते हैं।56 जनगणना 2011 में यह उन्नाव शहर के बाद जिले का दूसरा सबसे बड़ा शहर था।3

आना-जाना

  • रेल: लखनऊ–कानपुर लाइन पर उन्नाव जंक्शन मुख्य स्टेशन है। गंगाघाट की तरफ़ कानपुर ब्रिज लेफ़्ट बैंक स्टेशन है।5 उन्नाव से करीब 6 किमी पर मगरवारा स्टेशन भी इसी लाइन पर है।7
  • सड़क: लखनऊ–कानपुर हाईवे उन्नाव शहर से होकर जाता है और शहर का अपना बाईपास है।5
  • एक्सप्रेसवे: लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे 13 जुलाई 2026 से चालू है। इसका उद्घाटन उन्नाव जिले में किलोमीटर 49 पर हुआ।8 गंगा एक्सप्रेसवे भी उन्नाव जिले से गुज़रता है।9

उद्योग

  • अकरमपुर औद्योगिक आस्थान: जिला उद्योग केंद्र का 16.06 एकड़ का आस्थान। इसके सभी 58 प्लॉट आवंटित हैं और 38 इकाइयों में उत्पादन दर्ज है।10
  • उन्नाव औद्योगिक क्षेत्र और शहर से करीब 6 किमी दूर मगरवारा औद्योगिक क्षेत्र: दोनों UPSIDC (अब UPSIDA) के विकसित इलाके हैं।117

चमड़ा उन्नाव का सबसे बड़ा उद्योग है, और चमड़े के उत्पाद जिले के ODOP में शामिल हैं।1112

पढ़ाई

जिले की वेबसाइट पर उन्नाव शहर के ये संस्थान दर्ज हैं:13

  • डी.एस.एन. (पी.जी.) कॉलेज, हिरन नगर
  • चौधरी खजान सिंह महाविद्यालय, रिंग रोड
  • श्री नारायण गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, हरदोई रोड
  • राजकीय पॉलिटेक्निक, उन्नाव

देखने लायक़

बदरका हरबंस उन्नाव से करीब 11 किमी दक्षिण में, अचलगंज के पास है। जिले की वेबसाइट के मुताबिक़ इसे 1643 में राजा हरबंस ने बसाया था। उनके बनवाए भवन में चूने की दीवारें और लाल पत्थर का दरवाज़ा था।14

आपके लिए इसका मतलब

  • नौकरी और आना-जाना: उन्नाव शहर और गंगाघाट से कानपुर और लखनऊ, दोनों तरफ़ रेल, हाईवे और एक्सप्रेसवे का विकल्प है।
  • छोटा उद्यम: निर्यात कार्ययोजना के आंकड़ों में अकरमपुर आस्थान का कोई प्लॉट ख़ाली नहीं है। नई जगह के लिए जिला उद्योग केंद्र और निवेश मित्र पोर्टल देखें।
  • प्रॉपर्टी के काग़ज़: रजिस्ट्री का ख़र्च स्टांप ड्यूटी कैलकुलेटर से निकालें। SCR योजनाओं की स्थिति इंफ्रा ट्रैकर पर है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

उन्नाव सदर तहसील की आबादी कितनी है?
जनगणना 2011 में उन्नाव तहसील की आबादी 8,76,918 थी: 4,62,038 पुरुष और 4,14,880 महिलाएं। यह जिले की छह तहसीलों में सबसे ज़्यादा है।
गंगाघाट और शुक्लागंज एक ही जगह हैं?
हां, गंगाघाट को शुक्लागंज भी कहते हैं। यह उन्नाव सदर तहसील की नगर पालिका परिषद है, जो गंगा के किनारे कानपुर से सटी है। जनगणना 2011 में इसकी आबादी 84,072 थी।
उन्नाव शहर में कौन-कौन से डिग्री कॉलेज हैं?
जिले की वेबसाइट पर डी.एस.एन. (पी.जी.) कॉलेज, चौधरी खजान सिंह महाविद्यालय, श्री नारायण गर्ल्स पी.जी. कॉलेज और राजकीय पॉलिटेक्निक उन्नाव दर्ज हैं।
उन्नाव में उद्योग कहां लगते हैं?
शहर में जिला उद्योग केंद्र का अकरमपुर औद्योगिक आस्थान है। इसके अलावा उन्नाव औद्योगिक क्षेत्र और मगरवारा औद्योगिक क्षेत्र हैं। नए उद्यम की मंज़ूरी निवेश मित्र पोर्टल से मिलती है।